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कल्पना से भी परे! जापान ने इंटरनेट स्पीड के सारे रिकॉर्ड तोड़े, 1 सेकेंड में डाउनलोड होगी पूरी नेटफ्लिक्स

जापान के शोधकर्ताओं ने 1.02 पेटाबिट्स प्रति सेकंड की स्पीड के साथ इंटरनेट का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है. यह स्पीड भारत की औसत गति से 1.6 करोड़ गुना तेज़ है, जो एक विशेष 19-कोर फाइबर ऑप्टिक केबल से संभव हुई. यह भविष्य की बढ़ती डेटा ज़रूरतों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है.

कल्पना से भी परे! जापान ने इंटरनेट स्पीड के सारे रिकॉर्ड तोड़े, 1 सेकेंड में डाउनलोड होगी पूरी नेटफ्लिक्स

Japan Internet Speed Record: जापान के शोधकर्ताओं ने इंटरनेट स्पीड का एक ऐसा नया कीर्तिमान स्थापित किया है जिसके बारे में सोचना भी मुश्किल है. उन्होंने 1.02 पेटाबिट्स प्रति सेकंड (Pbps) की हैरान कर देने वाली स्पीड हासिल की है. यह स्पीड भारत की औसत इंटरनेट स्पीड (लगभग 63.55 Mbps) से 1.6 करोड़ गुना ज़्यादा है.

इस स्पीड का अंदाज़ा आप ऐसे लगा सकते हैं:

  • पूरी नेटफ्लिक्स लाइब्रेरी: आप पूरी की पूरी नेटफ्लिक्स लाइब्रेरी एक सेकंड से भी कम समय में डाउनलोड कर सकते हैं.
  • बड़े गेम्स: 'Warzone' जैसा 150GB का भारी-भरकम गेम पलक झपकते ही डाउनलोड हो जाएगा.

यह कारनामा जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी (NICT) ने अपने यूरोपीय भागीदारों के साथ मिलकर किया है.

इस कमाल के पीछे की टेक्नोलॉजी क्या है?

इस रिकॉर्ड का राज़ एक खास तरह के ऑप्टिकल फाइबर केबल में छिपा है.

  • 19-लेन का सुपरहाइवे: आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले केबल में डेटा के लिए एक ही रास्ता (कोर) होता है. लेकिन इस नए केबल में 19 कोर हैं. शोधकर्ता इसे डेटा के लिए "19-लेन का सुपरहाइवे" कह रहे हैं.
  • पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर में फिट: सबसे अच्छी बात यह है कि यह नया केबल मौजूदा केबल जितना ही मोटा है, यानी इसे लगाने के लिए पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

वैज्ञानिकों ने इस टेक्नोलॉजी का परीक्षण 1,808 किलोमीटर की दूरी पर डेटा भेजकर किया, जो लगभग लंदन से रोम तक की दूरी के बराबर है.

भविष्य के लिए क्यों ज़रूरी है यह खोज?

हालांकि, यह टेक्नोलॉजी अभी लैब में है और आम लोगों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं है. लेकिन यह भविष्य की तैयारियों की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है.

आने वाले समय में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेल्फ-ड्राइविंग कारें और अरबों डिवाइस इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे, तो डेटा की मांग आसमान छू लेगी. यह खोज दिखाती है कि कैसे हम मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर में ही थोड़े बदलाव करके भविष्य की ज़रूरतों को पूरा कर सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2025 08:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).