आने वाले हफ्ते में निवेशकों का फोकस रहेगा मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर
चीन के निर्यात में उम्मीद से अधिक गिरावट और वैश्विक व्यापार में निरंतर मंदी के कारण भारतीय बाजार एक सीमाबद्ध प्रवृत्ति में फंस गया है. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने ये बात कही है.
नई दिल्ली, 12 नवंबर : चीन के निर्यात में उम्मीद से अधिक गिरावट और वैश्विक व्यापार में निरंतर मंदी के कारण भारतीय बाजार एक सीमाबद्ध प्रवृत्ति में फंस गया है. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने ये बात कही है.
निफ्टी इंडेक्स 19,500 के प्रमुख स्तर से ऊपर नहीं बढ़ पाया. उन्होंने कहा, हालांकि फेड चेयरमैन के भाषण से मिले संकेतों ने निकट अवधि में दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम कर दी है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आई. हालाँकि, हेडलाइन मुद्रास्फीति अमेरिकी केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है. उन्होंने कहा कि एफआईआई की बिकवाली कम हुई है लेकिन ऊंची ब्याज दर और वैश्विक मंदी की चिंताओं के कारण निवेश में नरमी बनी हुई है. यह भी पढ़ें : Rajasthan Road Accident: राजस्थान के बूंदी में सड़क हादसा, मप्र निवासी एक परिवार के चार सदस्यों की मौत
हाल की गिरावट के बाद खुदरा गतिविधियों और अच्छे कॉर्पोरेट नतीजों के कारण मिड और स्मॉल कैप फिर से निवेशकों के फोकस में आ गए हैं. आने वाले सप्ताह में, फोकस अमेरिका और भारत के मुद्रास्फीति आंकड़ों पर होगा, भारत की अक्टूबर मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत से कम होकर 4|8 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जबकि अमेरिकी मुद्रास्फीति स्थिर रहने की उम्मीद है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 12, 2023 01:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

