former Indian captain Mamta Maben: पूर्व भारतीय कप्तान ममता माबेन ने कहां- समान वेतन महिला क्रिकेट के लिए अच्छी खबर

2003 से 2004 तक 19 वनडे मैचों में टीम की कप्तानी करने वाली भारत की पूर्व क्रिकेटर ममता माबेन ने आईएएनएस से वेतन इक्विटी निर्णय के साथ-साथ भविष्य में इसके प्रभाव के बारे में बात की, पूर्ण समानता और अधिक के लिए और क्या किया जा सकता है.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह ने एक ऐतिहासिक फैसले में गुरुवार को घोषणा की थी कि भारत की महिला अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मैच फीस पुरुषों के बराबर होगी.

पे इक्विटी नीति के अनुसार, पुरुष और महिला दोनों भारतीय क्रिकेटरों को एक समान भुगतान किया जाएगा. एक टेस्ट मैच के लिए 15 लाख रु., एकदिवसीय मैच के लिए 6 लाख और टी20 के लिए 3 लाख रुपये दिए जाएंगे. मैच फीस के मामले में महिला क्रिकेटरों के लिए यह बहुत बड़ी बात है, क्योंकि उन्हें टेस्ट के लिए चार लाख और वनडे-टी20 के लिए एक-एक लाख मिलते थे. यह भी पढ़ें: BCCI का बड़ा फैसला, अब महिला क्रिकेटर्स को पुरुष खिलाड़ियो के बराबर मिलेगा वेतन, जानें कितनी होती है एक मैच की फीस

बीसीसीआई अब देश में महिला क्रिकेट के मामले में प्रगतिशील सोच दिखा रहा है, गुरुवार की घोषणा का भारत और विदेशों में कई पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों ने स्वागत किया.

2003 से 2004 तक 19 वनडे मैचों में टीम की कप्तानी करने वाली भारत की पूर्व क्रिकेटर ममता माबेन ने आईएएनएस से वेतन इक्विटी निर्णय के साथ-साथ भविष्य में इसके प्रभाव के बारे में बात की, पूर्ण समानता और अधिक के लिए और क्या किया जा सकता है.

अंश:

प्रश्न : गुरुवार को वेतन समता की घोषणा के बारे में सुनते ही शुरूआती विचार क्या थे?

उत्तर : यह इतना यादगार है कि अब हमें समान वेतन मिलेगा. यह भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ी खबर है। मुझे लगता है कि यह अब तक की सबसे अच्छी बात है.

प्रश्न : अंतरराष्ट्रीय मैच फीस के मामले में अब वेतन समानता के साथ, आप भारत में महिला क्रिकेट के भविष्य पर दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में क्या सोचते हैं?

उत्तर : शीर्ष पर बैठे लोगों से अधिक, मुझे लगता है कि एक ट्रिकल डाउन प्रभाव इस हद तक होगा कि अब हर कोई निश्चित रूप से क्रिकेट को करियर विकल्प बनाएगा. यह खेल में शामिल होने के लिए और अधिक लोगों को प्रेरित करेगा.

लेकिन, किसी भी चीज से अधिक, इसका जो प्रभाव पड़ने वाला है, वह ठीक नीचे जमीनी स्तर तक ही सिमट कर रह जाएगा. मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा होगा, जब लोग चीजों को कम से कम अब देखना शुरू कर देंगे, दोनों पुरुषों और महिलाओं के खेल के मामले में करियर बनाने के लिए काफी आकर्षक हैं.

प्रश्न : कुछ और क्षेत्र हैं, जैसे घरेलू मैच फीस, केंद्रीय अनुबंध और घरेलू सत्र में खेले जाने वाले मैचों की संख्या, इसे आप कैसे देखते हैं?

उत्तर : मैं जो महसूस करती हूं, वह अंतत: राज्य स्तर पर कम होना चाहिए. नहीं तो यह असमानता बहुत अधिक होगी. बीसीसीआई ने निष्पक्ष रूप से मैच फीस में दोगुना बढ़त की थी.

प्रश्न : इसके अलावा महीने की शुरूआत में महिला आईपीएल के भी अगले साल लॉन्च होने की पुष्टि हुई है. तो, क्या हम कह सकते हैं कि यह एक युवा लड़की के लिए खेल को अपनाने और भविष्य में भारत की महिला क्रिकेटर बनने का सबसे अच्छा समय है?

उत्तर : निश्चित रूप से इससे बेहतर समय कोई नहीं हो सकता है और यह केवल यहीं से सुधरने वाला है. मुझे लगता है कि चाहे कुछ भी हो, अब महिला क्रिकेट को कोई नहीं रोक सकता. यह व्यवस्थित रूप से पनपेगा क्योंकि बहुत सारे सिस्टम लगाए गए हैं. महिला क्रिकेट को अगर कोई रोक भी दे तो आप उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकते। जैसा कि अभी है, हम देख सकते हैं कि बहुत सारी प्रतिभाएं उभर रही हैं.

Share Now

संबंधित खबरें

IND W vs BAN W, Semi-Final 1 Match Scorecard: सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को हराकर टीम इंडिया ने नौवीं बार एशिया कप के फाइनल में बनाई अपनी जगह, दीप्ति शर्मा ने की घातक गेंदबाजी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

India Women vs Bangladesh Women, Semi-Final 1 Match Scorecard: पहले सेमीफाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने बांग्लादेश के सामने रखा 150 रनों का लक्ष्य, शैफाली वर्मा ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

South Africa vs Namibia 2nd ODI Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा दक्षिण अफ्रीका बनाम नामीबिया दूसरा वनडे मुकाबला? यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

South Africa vs Namibia 2nd ODI Match Stats And Preview: दक्षिण अफ्रीका बनाम नामीबिया मुकाबले में कल होगी रोमांचक भिड़ंत, मैच से पहले जानें स्टैट्स और प्रीव्यू