List of Female Grandmasters in India: दिव्या देशमुख समेत इन भारतीय महिलाओं ने जीता शतरंज का सबसे बड़ा खिताब FIDE वूमेन्स चेस वर्ल्ड कप, यहां देखिए भारतीय महिला ग्रैंडमास्टर्स की लिस्ट
भारत में शतरंज लगातार प्रगति कर रहा है. 1987 से 2012 तक केवल 29 ग्रैंडमास्टर बने थे, लेकिन 2013 से अब तक के 12 वर्षों में 59 ग्रैंडमास्टर बन चुके हैं. हालांकि इनमें अधिकतर पुरुष खिलाड़ी हैं, लेकिन महिला टीम का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है. उन्होंने शतरंज ओलंपियाड में कई बार स्वर्ण पदक जीते हैं और वर्ल्ड कप में ऑल-इंडियन फाइनल इस बात का संकेत है कि महिला शतरंज भी बुलंदियों पर है.
List of Female Grandmasters in India: 28 जुलाई को दिव्या देशमुख ने इतिहास रच दिया जब उन्होंने FIDE वूमेन्स चेस वर्ल्ड कप 2025 का खिताब अपने नाम किया. वह इस प्रतियोगिता को क्लासिकल फॉर्मेट में जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. दिव्या ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और चीन की झू जिनर, भारतीय ग्रैंडमास्टर हरिका द्रोणावल्ली जैसी स्टार खिलाड़ियों को हराया. उन्होंने सेमीफाइनल में पूर्व विश्व चैंपियन तन झोंगयी को भी चौंकाया. फाइनल में उनका मुकाबला भारत की ही कोनेरु हम्पी से हुआ, जिसमें क्लासिकल मुकाबले ड्रॉ रहे. हालांकि, टाई-ब्रेकर में दिव्या ने हम्पी को हरा दिया। पहला रैपिड मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन दूसरे में दिव्या विजयी रहीं. कौन हैं दिव्या देशमुख? जानिए भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर के बारे में सबकुछ, जिन्होंने 2025 में 19 वर्ष की उम्र में जीता FIDE महिला शतरंज वर्ल्ड कप
FIDE वूमेन्स चेस वर्ल्ड कप जीतने के साथ ही दिव्या देशमुख ने कई उपलब्धियां हासिल कीं. वह इस खिताब को जीतने वाली सबसे युवा महिला खिलाड़ी बनीं. विश्व कप जीतने के साथ ही दिव्या, जो पहले इंटरनेशनल मास्टर थीं, अब ग्रैंडमास्टर भी बन गई हैं. वह भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर बनीं और इस सूची में शामिल होने वाली चौथी महिला खिलाड़ी बनीं. दिव्या से पहले तीन और भारतीय महिला खिलाड़ियों को यह खिताब मिल चुका है, जो FIDE द्वारा किसी खिलाड़ी को दिया जाने वाला सबसे बड़ा व्यक्तिगत सम्मान है. अगर आप जानना चाहते हैं कि भारत की अन्य महिला ग्रैंडमास्टर्स कौन हैं, तो यहां पूरी जानकारी दी गई है:
| नाम | भारतीय ग्रैंडमास्टर क्रमांक | वर्ष |
|---|---|---|
| कोनेरु हम्पी | 7वीं | 2002 |
| हरिका द्रोणावल्ली | 25वीं | 2011 |
| वैशाली रमेशबाबू | 84वीं | 2023 |
| दिव्या देशमुख | 88वीं | 2025 |
भारत में शतरंज लगातार प्रगति कर रहा है. 1987 से 2012 तक केवल 29 ग्रैंडमास्टर बने थे, लेकिन 2013 से अब तक के 12 वर्षों में 59 ग्रैंडमास्टर बन चुके हैं. हालांकि इनमें अधिकतर पुरुष खिलाड़ी हैं, लेकिन महिला टीम का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है. उन्होंने शतरंज ओलंपियाड में कई बार स्वर्ण पदक जीते हैं और वर्ल्ड कप में ऑल-इंडियन फाइनल इस बात का संकेत है कि महिला शतरंज भी बुलंदियों पर है. पिछले तीन वर्षों में भारत को दो नई महिला ग्रैंडमास्टर्स वैशाली रमेशबाबू और दिव्या देशमुख मिली हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2025 09:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

