IND-W vs SA-W T20 Tri-Series: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के हीरो रही अमनजोत कौर, जानें कैसे कारपेंटर पिता ने गली क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया
टीम की जीत में योगदान देकर मैं बहुत खुश हूं. कभी नहीं सोचा था कि मैं इस तरह खेलूंगी, यह अच्छा मौका था और खुशी है कि मैंने इस मौके का फायदा उठाया. बस कुछ रन बनाने की उम्मीद कर रही थी, उन्होंने (दीप्ति) मुझे समझाया, मैं डेब्यू कर रही थी और उन्होंने मुझे अच्छी तरह से गाइड किया. मुझसे कहा कि सिर्फ़ सिंगल लो और अंत तक बैटिंग करो. इससे वाकई मदद मिली."
टीम इंडिया, साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 त्रिकोणीय सीरीज का आगाज हो गया है, पहले मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका को 27 रनों से हरा दिया हैं. इससे पहले साउथ अफ्रीका की कप्तान सुने लूस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया पूरी तरह से लड़खड़ाती दिखी थी लेकिन छठे विकेट के लिए दीप्ति और अमनजोत सिंह के बीच एक बड़ी साझेदारी ने निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 147 रन बनाने में मदद की थी. टीम इंडिया की तरफ से अमनजोत कौर ने सबसे ज्यादा नाबाद 41 रन बनाई. जिन्हें अपने डेब्यू मैच में ही प्लेयर ऑफ़ द मैच बनी थी. यह भी पढ़ें: दक्षिण अफ्रीका पर जीत के बाद स्मृति मंधाना ने कहा, अमनजोत और दीप्ति के बीच साझेदारी ने कमाल किया
जानें कौन हैं अमनजोत कौर
23 वर्षीया अमनजोत कौर एक ऑलराउंडर खिलाड़ी है जो दाहिने हाथ की बैटर और बॉलिंग करने की भी क्षमता रखती हैं. 1 जनवरी 2000 को पंजाब के मोहाली में जन्मी एक सामान्य परिवार से आती है उनके पिता पेशे से कारपेंटर है. इस खिलाड़ी की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. पिता का त्याग और बेटी की तप ने आज भारतीय टीम में जगह दिलाई है. पहले वे अपनी गली में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू की थी. उसके बाद स्कूल में भी लड़कों के साथ ही क्रिकेट खेलती रही. उनके पिता काफ़ी संघर्ष करके अपनी बेटी के सपने को अपना सपना बनाकर भूपिंदर सिंह जी ने क्रिकेट की बेहतरी के लिए शहर भी बदलकर अपनी बेटी का दाखिला एक क्रिकेट एकेडमी में कराया. चंडीगढ़ में अमनजोत को ट्रेनिंग मिली. पिता ने बेटी के लिए अपना काम छोड़ बेटी को डेली एकेडमी छोड़ने और लेने जाते थे. पिता के इस त्याग का फल आखिरकार अब जा कर मिला है.
कैसी रही है अमनजोत कौर की करियर
अमनजोत ने डोमेस्टिक क्रिेकेट में तीन सीजन चंडीगढ़ के लिए खेलने वाली अब पंजाब का नेृतत्व करती हैं. वह इंडिया ए वुमेन टीम का भी नेतृ्त्व कर चुकी हैं. बीते साल डोमेस्टिक सर्किट में उन्होंने इंडिया ए वुमेन टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया था. उनकी बैटिंग काबिलियत को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय महिला क्रिेकेट टीम में शामिल किया गया.
प्लेयर ऑफ द मैच अमनजोत कौर डेब्यू के बाद क्या कहा
टीम की जीत में योगदान देकर मैं बहुत खुश हूं. कभी नहीं सोचा था कि मैं इस तरह खेलूंगी, यह अच्छा मौका था और खुशी है कि मैंने इस मौके का फायदा उठाया. बस कुछ रन बनाने की उम्मीद कर रही थी, उन्होंने (दीप्ति) मुझे समझाया, मैं डेब्यू कर रही थी और उन्होंने मुझे अच्छी तरह से गाइड किया. मुझसे कहा कि सिर्फ़ सिंगल लो और अंत तक बैटिंग करो. इससे वाकई मदद मिली."