Spain vs Cape Verde, FIFA World Cup 2026: डेब्यू मैच में काबो वर्डे ने किया बड़ा उलटफेर, पूर्व चैंपियन स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोका
फीफा वर्ल्ड कप 2026 (Photo Credit: X Formerly Twitter)

Spain vs Cape Verde, FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-H मुकाबले में काबो वर्डे (केप वर्डे) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया. वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेल रही काबो वर्डे की टीम ने 2010 की चैंपियन स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया. मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से कोई गोल नहीं हुआ, जिसके चलते दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा.

मैच के दौरान स्पेन ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया और कई मौके बनाए, लेकिन टीम अपने किसी भी अवसर को गोल में तब्दील नहीं कर सकी. दूसरी तरफ काबो वर्डे ने अनुशासित डिफेंस और शानदार गोलकीपिंग के दम पर स्पेनिश हमलों को नाकाम कर दिया.

काबो वर्डे के अनुभवी 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा टीम के सबसे बड़े हीरो साबित हुए. उन्होंने पूरे मैच में 7 बेहतरीन सेव किए और क्लीन शीट बरकरार रखी. स्पेन ने मुकाबले में 74 प्रतिशत समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा, जबकि काबो वर्डे के पास सिर्फ 26 प्रतिशत पजेशन रहा. इसके बावजूद स्पेन गोल करने में नाकाम रही.

आंकड़ों पर नजर डालें तो स्पेन ने कुल 23 शॉट लगाए, जिनमें से 8 शॉट टारगेट पर रहे. वहीं काबो वर्डे ने 6 शॉट लिए, जिनमें सिर्फ एक शॉट टारगेट पर था. हालांकि मजबूत रक्षात्मक रणनीति के कारण काबो वर्डे ने स्पेन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया.

मिकेल ओयारजाबाल के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड

स्पेन के स्टार फॉरवर्ड मिकेल ओयारजाबाल के नाम इस मुकाबले में एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया. वह 1966 के बाद फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए, जिन्होंने किसी मैच में 30 मिनट से ज्यादा समय मैदान पर बिताया, लेकिन इस दौरान गेंद को एक भी बार नहीं छू सके. काबो वर्डे के मजबूत डिफेंस ने स्पेनिश आक्रमण को पूरी तरह बांधे रखा, जिसके चलते ओयारजाबाल मैच में कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके.

काबो वर्डे के लिए यह परिणाम किसी जीत से कम नहीं है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपने पहले ही मुकाबले में पूर्व चैंपियन स्पेन को ड्रॉ पर रोककर टीम ने दुनिया भर के फुटबॉल फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.