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2011 विश्व कप के हीरो युवराज सिंह ने फैंस के दिलों पर किया राज, जानें उनके करियर से जुडी कुछ रोचक बातें

सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के बेहतरीन हरफनमौला खिलाड़ियों में शुमार युवराज सिंह ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है.

2011 विश्व कप के हीरो युवराज सिंह ने फैंस के दिलों पर किया राज, जानें उनके करियर से जुडी कुछ रोचक बातें
युवराज सिंह (File Photo)

सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के बेहतरीन हरफनमौला खिलाड़ियों में शुमार युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है. युवराज ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह उनके लिए काफी भावनात्मक पल है और उनका करियर एक रोलर-कोस्टर की तरह रहा है. युवराज ने कहा कि वह काफी समय से रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे थे और अब उनका प्लान आईसीसी द्वारा मान्यता प्राप्त टी-20 टूर्नामेंट्स में खेलने का है.

युवराज ने अपना अंतिम टेस्ट साल 2012 में खेला था. सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह अंतिम बार 2017 में दिखे थे. युवराज ने साल 2000 में पहला वनडे, 2003 में पहला टेस्ट और 2007 में पहला टी-20 मैच खेला था. चंडीगढ़ में साल 1981 में जन्में युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 मैच खेले. टेस्ट में युवराज ने तीन शतकों और 11 अर्धशतकों की मदद से कुल 1900 रन बनाए जबकि वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों की मदद से 8701 रन जुटाए.

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इसी तरह टी-20 मैचों में युवराज ने कुल 1177 रन बनाए. इसमें आठ अर्धशतक शामिल हैं. युवराज ने टेस्ट मैचों में 9, वनडे में 111 और टी-20 मैचो में 28 विकेट भी लिए हैं. युवराज ने 2008 के बाद कुल 231 टी-20 मैच खेले हैं और 4857 रन बनाए हैं. उन्होंने टी-20 मैचों में 80 विकेट भी लिए हैं.

भारत ने जब साल 2011 में महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में दूसरी बार आईसीसी विश्व कप जीता था, तब युवराज एक लड़ाके के रूप में सामने आए थे. युवराज ने उस विश्व कप में 362 रन (एक शतक और चार अर्धशतक) बनाने के अलावा 15 विकेट भी हासिल किए थे और चार बार मैन ऑफ द मैच के अलावा प्लेअर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे.

युवराज के लिए वह विश्व कप खास था क्योंकि जब भारत ने पहली बार विश्व कप जीतोथा, तब उनका जन्म भी नहीं हुआ था और जब वह विश्व चैम्पियन बने तो उन्होंने अपने नाम एक अनोखा रिकार्ड जोड़ लिया. युवराज पहले ऐसे ऑलराउंडर हैं, जिन्होंने किसी विश्व कप में 300 से अधिक रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी हासिल किए हों.

विश्व कप के बाद युवराज कैंसर से पीड़ित बताए गए और फिर अमेरिका में उनका लम्बे समय तक इलाज चला. कैंसर को हराने के बाद युवराज ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की लेकिन इसके बाद उनकी जिंदगी पहले जैसी नहीं रही.

युवराज उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने भारत के साथ दो विश्व कप जीते हैं. 2007 में भारत ने टी-20 विश्व कप जीता था, तब युवराज टीम के सदस्य थे और उस दौरान युवराज ने इंग्लैंड के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाने का कारनामा किया था. उस मैच में युवराज ने 12 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया था, जो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में आज भी एक मील का पत्थर बना हुआ है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2019 02:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).