क्रिकेट

Historic Win For South Africa: साउथ अफ़्रीका पहली बार वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पहुंची है, लेकिन टीम के खिलाड़ी जश्न नहीं मना रहे

मारक्रम भी मानते हैं कि उनकी टीम में एक लचीलापन है. चार अलग अलग तरह के तेज़ गेंदबाज़ हैं, एक बाएं हाथ का रिस्ट स्पिनर है, एक फ़िंगर स्पिनर है, एक ऐसा ओपनर है जो लय में है, एक विध्वंसक मध्य क्रम है.

Historic Win For South Africa: साउथ अफ़्रीका पहली बार वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पहुंची है, लेकिन टीम के खिलाड़ी जश्न नहीं मना रहे
साउथ अफ्रीका (Photo Credits: Twitter)

तारोबा (त्रिनिदाद): दक्षिण अफ़्रीका पहली बार पुरुष विश्व कप के फ़ाइनल में पहुंची है. अब तक टी20 विश्व कप 2024 में हर मैच जीतने वाली इस टीम के खिलाड़ी के फ़ाइनल में पहुंचने का जश्न नहीं मना रहे हैं. वह भी तब जब यह सिर्फ़ दूसरी बार है जब उन्होंने वर्ल्ड कप में कोई नॉकआउट मैच जीता है. SA vs AFG: 'टी20 वर्ल्ड कप' में पहली बार फाइनल में पहुंचा साउथ अफ्रीका, अफगानिस्तान को सेमीफाइनल में 9 विकेट से हराया

एडन मारक्रम ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मैं इतना नहीं सोचता. क्रिकेट का खेल ऐसा ही है, किसी को जीत तो किसी को हार नसीब होती है. वैसे मैच जीतना, जिसे जीतने के बारे में आप सोच नहीं सकते थे, यह चेंजिंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है. हम इस आत्मविश्वास को फ़ाइनल में भुनाने की पूरी कोशिश करेंगे."

मारक्रम ने अपना ध्यान क्रिकेट पर ही केंद्रित कर रखा है. वह इस समय इससे अधिक नहीं सोच रहे हैं. हालांकि तबरेज़ शम्सी की बातों से ज़रूर यह थोड़ा बहुत ज़ाहिर हुआ कि उनके और कुछ अन्य खिलाड़ियों के लिए फ़ाइनल में पहुंचने के क्या मायने हैं. दक्षिण अफ़्रीका के फ़ाइनल में पहुंचने के बाद डेल स्टेन ने एक्स पर एक पोस्ट भी किया. दक्षिण अफ़्रीका के औपचारिक तौर पर फ़ाइनल में पहुंचने के बाद उन्होंने शम्सी से मुलाक़ात भी की.

शम्सी ने कहा, "मैंने मैच के बाद उनसे बात की. उन्होंने मुझे गले लगा लिया. गले लगाकर उन्होंने मुझसे यही कहा जो बात मैंने आपसे कही है. यह जीत सिर्फ़ हमारी नहीं है बल्कि उन लोगों की भी है जो हमारे देश में इस समय मौजूद हैं, उन खिलाड़ियों की भी है जिन्होंने हमसे पहले दक्षिण अफ़्रीका का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने ही टीम की आधारशिला रखी और यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम इस विरासत को एम क़दम आगे ले जाएं."

कहीं दक्षिण अफ़्रीका के खिलाड़ी इसलिए नहीं तो अपनी भावनाओं को सामने नहीं आने दे रहे क्योंकि उन्हें इस बात का डर है कि कहीं जल्द ही उनके अधिक भावुक होने की बारी ना आ जाए?

शम्सी ने कहा, "ऐसा नहीं है. अगर आपने हमारे अभियान को नज़दीक से देखा होगा तो आपने यह पाया होगा कि हम हर मैच एक अन्य मैच की तरह ही ले रहे हैं. हम पूरे अभियान के दौरान अपने अगले मैच की चिंता नहीं करते थे. चूंकि अब हम फ़ाइनल में पहुंच चुके हैं, तो एक बार इसकी तस्वीर साफ़ हो जाए फिर हम उस दिन भिड़ने वाली विपक्षी टीम के ख़िलाफ़ रणनीति बनाएंगे. उसी तरह से, जिस तरह से इस टूर्नामेंट में हमने हर दूसरी टीम के ख़िलाफ़ रणनीति बनाई है."

अपनी टीम के खिलाड़ियों के बीच माहौल पर बात करते हुए शम्सी ने कहा, "हर कोई चिंता से मुक्त है. अगर दूसरी या दक्षिण अफ़्रीका की पहले की टीमों को भी देखेंगे तो उन टीमों में चिन्हित बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ थे. लेकिन इस टीम में मैं चिन्हित नहीं कर सकता कि किस गेंदबाज़ या बल्लेबाज़ के चलते हम यहां तक पहुंचे हैं. और मुझे पूरा विश्वास है कि आप लोगों ने भी इस पर गौर किया होगा. हर कोई जीत के लिए मेहनत कर रहा है."

मारक्रम भी मानते हैं कि उनकी टीम में एक लचीलापन है. चार अलग अलग तरह के तेज़ गेंदबाज़ हैं, एक बाएं हाथ का रिस्ट स्पिनर है, एक फ़िंगर स्पिनर है, एक ऐसा ओपनर है जो लय में है, एक विध्वंसक मध्य क्रम है.

शम्सी ने हालांकि अंत में यह ज़रूर बताया कि आख़िर फ़ाइनल में पहुंचने का जश्न क्यों नज़र नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा, "यह एक बड़ी उपलब्धि है. लेकिन जब हम वर्ल्ड कप खेलने आए थे तब हम सिर्फ़ फ़ाइनल खेलने के लिए नहीं आए थे. अन्य टीमों की तरह हम भी फ़ाइनल जीतने आए थे."

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 27, 2024 10:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).