West Bengal Assembly Election 2026: बंगाल में चुनावी हिंसा, बसंती में टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, 8 गिरफ्तार
गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बसंती में पार्टी प्रत्याशी विकास सरदार के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे थे. इसी दौरान कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रचार की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया.
Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बसंती इलाके में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हिंसक झड़प का मामला सामने आया है, जिसने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया. भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसा में बदल गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों को मौके पर तैनात किया गया है. मामले में अब तक 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है और पूरे इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है. West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे, 25 साल बाद इतना छोटा चुनावी कार्यक्रम
बताया जा रहा है कि गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बसंती में पार्टी प्रत्याशी विकास सरदार के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे थे. इसी दौरान कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रचार की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया.
झड़प के बाद इलाके में तनाव फैल गया. आरोप है कि कुछ लोगों ने बीजेपी के जुलूस में घुसकर तोड़फोड़ की और सड़क किनारे खड़ी दो मोटरसाइकिलों को नुकसान पहुंचाया. बीजेपी ने इस हमले के पीछे तृणमूल कांग्रेस और प्रशासन की मिलीभगत का आरोप लगाया है.
बारुईपुर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक शुभेंद्र कुमार ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के समय बीजेपी उम्मीदवार मौके पर मौजूद नहीं थे.
घटना की जानकारी मिलते ही बीजेपी प्रत्याशी मौके पर पहुंचे और पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि हार के डर से तृणमूल कांग्रेस हिंसा और डराने-धमकाने की राजनीति कर रही है, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही. फिलहाल तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा लगातार रूट मार्च किया जा रहा है. जांच जारी है.