खिलाड़ियों के बढ़ते लगेज पर BCCI ने लगा दी लिमिट ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय स्टार ले गए थे 250 किलो सामान, बोर्ड को चुकाने पड़े लाखों रुपये; रिपोर्ट
BCCI के नए दिशा-निर्देशों में सबसे चर्चित नियम यह है कि अब विदेशी दौरों पर खिलाड़ी केवल 150 किलो तक ही सामान ले जा सकेंगे. यदि कोई खिलाड़ी इससे अधिक वजन का सामान लेकर जाता है, तो अतिरिक्त शुल्क खुद उसे चुकाना होगा. दरअसल, यह फैसला एक भारतीय स्टार खिलाड़ी की हरकतों के बाद लिया गया है.
BCCI Luggage Rule: भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम(Indian National Cricket Team) को हाल ही में ऑस्ट्रेलिया(Australia) में खेले गए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-3 से करारी हार का सामना करना पड़ा. इस हार के चलते भारत पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह नहीं बना सका. इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम में अनुशासन सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए और 10 बिंदुओं का नया निर्देश जारी किया. BCCI ने साफ कर दिया है कि यह नया 10-सूत्रीय दिशानिर्देश चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से लागू किया जाएगा. इसके तहत, खिलाड़ियों के परिवार अब 45 दिन या उससे अधिक के दौरे पर अधिकतम दो सप्ताह तक ही उनके साथ रह सकेंगे. BCCI के इस फैसले को अनुशासन बनाए रखने और अनावश्यक खर्चों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह भी पढ़ें: JioStar ने लॉन्च किया JioHotstar, अब एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगा JioCinema और Disney+ Hotstar का मजा!
खिलाड़ियों के बढ़ते लगेज पर BCCI ने कसा शिकंजा
BCCI के नए दिशा-निर्देशों में सबसे चर्चित नियम यह है कि अब विदेशी दौरों पर खिलाड़ी केवल 150 किलो तक ही सामान ले जा सकेंगे. यदि कोई खिलाड़ी इससे अधिक वजन का सामान लेकर जाता है, तो अतिरिक्त शुल्क खुद उसे चुकाना होगा. दरअसल, यह फैसला एक भारतीय स्टार खिलाड़ी की हरकतों के बाद लिया गया है.
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान इस खिलाड़ी ने अकेले 27 बैग्स में 250 किलो से अधिक वजन का सामान ले जाया था, जिसमें 17 बैट भी शामिल थे. यह सामान सिर्फ खिलाड़ी का नहीं था, बल्कि उसमें उसके परिवार और दोस्तों का भी सामान शामिल था. इस वजह से BCCI को विभिन्न हवाई अड्डों पर लाखों रुपये बतौर लगेज फीस चुकाने पड़े. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस प्रवृत्ति को देखकर अन्य खिलाड़ी भी अतिरिक्त सामान ले जाने लगे, जिससे बोर्ड को कड़ा कदम उठाना पड़ा.