Asia Cup Controversy: एशिया कप 2025 अब सिर्फ क्रिकेट का टूर्नामेंट नहीं रह गया है, बल्कि यह विवादों का एक बड़ा अखाड़ा बन गया है. भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैचों के बाद मैदान की जंग अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के सुनवाई कक्ष तक पहुंच गई है. एक तरफ जहां पाकिस्तान के दो खिलाड़ियों, हारिस रऊफ और साहिबजादा फरहान को उनके भड़काऊ इशारों के लिए तलब किया गया है, वहीं दूसरी ओर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की शिकायत पर सुनवाई का सामना करना पड़ा. चलिए, इस पूरे मामले को शुरू से समझते हैं.
पाकिस्तानी खिलाड़ियों के भड़काऊ इशारे और BCCI की शिकायत
मामले की सबसे ताज़ा कड़ी भारत-पाकिस्तान के बीच रविवार, 21 सितंबर को हुए सुपर-4 मैच से जुड़ी है. इस मैच के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों के कुछ इशारों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया.
- हारिस रऊफ का 'प्लेन क्रैश' इशारा: जब भारतीय प्रशंसक 'कोहली, कोहली' के नारे लगा रहे थे, तो तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने हाथों से एक विमान के क्रैश होने जैसा इशारा किया. यह इशारा 2022 T20 वर्ल्ड कप में कोहली द्वारा रऊफ की गेंदों पर लगाए गए दो छक्कों का जवाब माना जा रहा है. लेकिन इसे भारत की सैन्य कार्रवाई का मज़ाक उड़ाने के तौर पर भी देखा गया, जिससे यह बेहद गंभीर हो गया. इतना ही नहीं, रऊफ ने अपनी गेंदबाजी के दौरान भारतीय ओपनर शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा को गालियां भी दीं.
- साहिबजादा फरहान का 'गन-फायरिंग' सेलिब्रेशन: इसी मैच में अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद साहिबजादा फरहान ने अपने बल्ले को बंदूक की तरह इस्तेमाल करते हुए फायरिंग का जश्न मनाया.
इन हरकतों के बाद सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों की जमकर आलोचना हुई. जब फरहान से उनके जश्न के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बेपरवाही से कहा, "वो जश्न बस उस पल में हो गया. मैं अर्धशतक के बाद ज्यादा जश्न नहीं मनाता, लेकिन अचानक मेरे दिमाग में आया कि आज कुछ करते हैं. लोग इसे कैसे लेते हैं, मुझे इसकी परवाह नहीं है."
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बुधवार को ICC के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई. इसी शिकायत के आधार पर ICC ने हारिस रऊफ और साहिबजादा फरहान को शुक्रवार को मैच रेफरी रिची रिचर्डसन के सामने सुनवाई के लिए बुलाया है. अगर वे अपने इशारों के लिए कोई ठोस वजह नहीं बता पाए, तो उन पर ICC की आचार संहिता के तहत प्रतिबंध लग सकता है.
विवाद की शुरुआत: सूर्यकुमार यादव का बयान और PCB की शिकायत
यह मामला सिर्फ पाकिस्तानी खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं है. इसकी जड़ें 14 सितंबर को हुए भारत-पाकिस्तान ग्रुप स्टेज मैच से जुड़ी हैं, जहाँ भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव के कुछ बयानों और हरकतों पर PCB ने आपत्ति जताई थी.
उस मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने:
- टॉस के दौरान पाकिस्तानी कप्तान से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था.
- मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में जीत को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को समर्पित किया था.
- उन्होंने इस जीत का श्रेय मई में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को दिया.
सूर्यकुमार के इन बयानों को PCB ने राजनीतिक करार दिया और ICC के पास शिकायत दर्ज करा दी. इस शिकायत पर ICC ने सूर्यकुमार को सुनवाई के लिए बुलाया. सुनवाई के दौरान सूर्यकुमार ने खुद को 'निर्दोष' बताया. बताया जा रहा है कि मैच रेफरी ने उन्हें भविष्य में किसी भी तरह के राजनीतिक बयान देने से बचने की कड़ी चेतावनी दी है.
मैदान पर राजनीतिक संदेशों पर ICC का कड़ा रुख
यह पहली बार नहीं है जब ICC ने मैदान पर राजनीतिक या संवेदनशील संदेशों पर सख्ती दिखाई है. ICC के नियम इस मामले में बहुत स्पष्ट हैं.
- 2023: ऑस्ट्रेलिया के उस्मान ख्वाजा को गाजा के समर्थन में काली पट्टी पहनने पर ICC ने फटकार लगाई थी.
- 2014: इंग्लैंड के ऑलराउंडर मोईन अली पर "सेव गाजा" और "फ्री फिलिस्तीन" लिखे रिस्टबैंड पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.
दिलचस्प बात यह है कि इस विवाद के बीच, PCB के अध्यक्ष और एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह हारिस रऊफ की तरह ही 'प्लेन क्रैश' जैसा इशारा करते दिख रहे हैं. इसे रऊफ के बचाव की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
कुल मिलाकर, एशिया कप 2025 का रोमांच अब क्रिकेट के स्कोर से ज्यादा शिकायतों, सुनवाइयों और विवादों में सिमट गया है. दोनों देशों के बोर्ड आमने-सामने हैं और खिलाड़ी ICC की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं. अब सबकी निगाहें ICC के फैसले पर टिकी हैं कि वह इन संवेदनशील मामलों में क्या कदम उठाती है.













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