BCCI To Revise IPL Age Rules: 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के ड्रीम डेब्यू के बाद बीसीसीआई ने आईपीएल उम्र नियम पर फिर से किया विचार, क्या अब नहीं खेल पाएंगे युवा खिलाड़ी
वैभव सूर्यवंशी (Photo Credit: X Formerly Twitter)

BCCI To Revise IPL Age Rules: आईपीएल 2025 में 14 साल के वैभव सूर्यवंशी(Vaibhav Suryavanshi) ने बेहद ही छा जाने वाली पारी से क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया है. राजस्थान रॉयल्स की टीम के इस युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज ने महज सात मैचों में 252 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है. वैभव की इस अद्भुत खेल शैली ने फैंस का दिल जीत लिया है और क्रिकेट के गढ़ों में एक नई बहस भी छेड़ दी है. क्या इतनी छोटी उम्र वाले खिलाड़ी को विश्व के सबसे बड़े टी20 टूर्नामेंट में खेलने दिया जाना चाहिए? वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, सिर्फ 14 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी के लिए बने बिहार के उपकप्तान

यह चर्चा सामने आई थी जब बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के संजय नाइक ने सवाल उठाया कि वैभव जैसे 14 वर्षीय खिलाड़ी ने आईपीएल में कैसे जगह बनाई, जबकि यहां तक कि मुंबई की स्थानीय टी20 लीग भी 16 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति नहीं देती.

आईपीएल के सीईओ हेमंग अमीन ने इस विवाद को सुलझाते हुए बताया कि वैभव की आईपीएल में भागीदारी नियमों के अनुरूप है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव पहले ही बिहार के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके हैं, जिससे वे आईपीएल नीलामी में शामिल होने के लिए पात्र बनते हैं. आईपीएल के नियम के मुताबिक, कोई भी अंडर-19 खिलाड़ी जो प्रथम श्रेणी या लिस्ट ए क्रिकेट में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुका हो, वह नीलामी में हिस्सा ले सकता है.

वैभव ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत बिहार की रणजी ट्रॉफी टीम के लिए जनवरी 2024 में, केवल 12 साल की उम्र में की थी, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट डेब्यू है. बिहार के ताजपुर गांव के रहने वाले इस युवा ने कई राष्ट्रीय युवा टूर्नामेंटों में दमदार प्रदर्शन किया है. आईपीएल में उन्होंने अपने प्रभावित करने वाले खेल से खुद को एक नया मानदंड स्थापित कर दिया है.

अब बीसीसीआई इस नियम की पुनः समीक्षा कर रहा है, लेकिन यह साफ है कि वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा और बहादुरी से क्रिकेट के पुराने नियमों को चुनौती दी है. उनके उदाहरण से यह संकेत भी मिलता है कि भविष्य में और भी कम उम्र के खिलाड़ी आईपीएल जैसे मंच पर चमक सकते हैं, बशर्ते उनकी योग्यता प्रथम श्रेणी क्रिकेट में साबित हो.