China Yuntai Mountain Waterfall Video: गजब बेइज्जती है! फर्जी निकला चीन का सबसे ऊंचा झरना, पाइप से आ रहा पानी, 'धोखेबाजी' का वीडियो वायरल

चीन में एशिया का सबसे ऊंचा झरना है, वो वास्तव में पाइप के ज़रिए पानी से भरा जा रहा है! ये बात एक पर्वतारोही ने उजागर की, जिसके बाद पार्क के अधिकारियों को ये स्वीकार करना पड़ा है. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुरी दुनिया में चीन की किरकिरी हो रही है.

चीन में एक पर्यटन स्थल, युन्तई माउंटेन झरना, जिसका दावा किया जाता है कि एशिया का सबसे ऊँचा झरना है, वो वास्तव में पाइप के ज़रिए पानी से भरा जा रहा है! ये बात एक पर्वतारोही ने उजागर की, जिसके बाद पार्क के अधिकारियों को ये स्वीकार करना पड़ा है. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुरी दुनिया में चीन की किरकिरी हो रही है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo पर 14 मिलियन से ज़्यादा बार देखा गया एक वीडियो में, झरने के ऊपर पहाड़ की चट्टान पर बनी कृत्रिम संरचना से पानी निकलता हुआ दिखाई दे रहा है. पार्क के अधिकारी इस झरने को एशिया का सबसे ऊँचा झरना बताते हैं, जो 314 मीटर ऊँचाई से गिरता है. ये झरना पूर्वी चीन के हेनान प्रांत में स्थित है.

युन्तई पर्यटन पार्क ने मंगलवार को एक पत्र जारी करके माना है कि उन्होंने "सूखे मौसम के दौरान मामूली वृद्धि" की है. ये स्वीकार किया गया है कि झरना प्राकृतिक रूप से नहीं बह रहा है, बल्कि पाइप से पानी दिया जा रहा है.

चीन डेली के अनुसार- चीन में दुनिया की 17% आबादी है, लेकिन केवल 6% ताजे पानी के संसाधन हैं. देश में हाल के समय में अत्यधिक मौसम की घटनाएँ देखने को मिली हैं, जैसे कि वसंत में दक्षिणी चीन में ठंडा मौसम और भारी बारिश.

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों से चीन सूखे की स्थिति से जूझ रहा है, जो 2022 में शुरू हुआ था और अगस्त में अपने चरम पर था. इस दौरान झीलें और नदियाँ सूख गईं. इस वजह से 2022 में देश के सतह के पानी के संसाधन 2012-2021 के 10 साल के औसत स्तर से 7% कम हो गए.

युन्तई माउंटेन झरने पर पानी की कमी को पूरा करने के लिए पाइप का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन देश में अन्य जगहों पर भी बदलाव किए जा रहे हैं. 1950 के दशक में शुरू हुई "साउथ-नॉर्थ वाटर ट्रांसफर प्रोजेक्ट" का उद्देश्य उत्तरी चीन में पानी की कमी की समस्या को कम करना है. इस परियोजना के तहत, यांग्त्ज़ी नदी से नहरों के ज़रिए पानी उत्तरी चीन में ले जाया जाता है.

यह देश का सबसे महंगा इंजीनियरिंग कार्य है, और 2050 तक इसके पूरा होने तक इसकी लागत लगभग $62 बिलियन होने का अनुमान है. चीन में झरने को पाइप से पानी देना एक गंभीर स्थिति का प्रतीक है, जो जल संसाधनों के कम होते जाने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को उजागर करता है.

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