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Rajasthan Hotel Viral Video: राजस्थान होटल वायरल वीडियो' डाउनलोड करना हो सकता है साइबर ट्रैप

सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे कथित 'राजस्थान होटल वायरल वीडियो' के नाम पर साइबर अपराधियों ने लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है. संदिग्ध लिंक्स और एपीके फाइलों के जरिए यूजर के मोबाइल में खतरनाक मालवेयर डाउनलोड कराकर वित्तीय ठगी का बड़ा जोखिम उत्पन्न हो गया है.

Rajasthan Hotel Viral Video: राजस्थान होटल वायरल वीडियो' डाउनलोड करना हो सकता है साइबर ट्रैप

Rajasthan Hotel Viral Video:  सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर 'राजस्थान होटल वायरल वीडियो' के नाम से शेयर की जा रही लिंक्स इंटरनेट यूज़र्स के लिए एक गंभीर साइबर खतरा बन गई हैं. किसी चर्चित या सनसनीखेज विषय को लेकर लोगों में व्याप्त उत्सुकता का फायदा उठाते हुए साइबर अपराधियों ने यह जाल बिछाया है. व्हाट्सएप, टेलीग्राम और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो देखने या डाउनलोड करने के दावे के साथ अज्ञात लिंक्स प्रसारित की जा रही हैं. इन लिंक्स पर क्लिक करने से यूजर के डिवाइस में मैलवेयर या एपीके (APK) फाइल डाउनलोड हो जाती है, जिससे डेटा चोरी और वित्तीय नुकसान का खतरा पैदा हो जाता है.

किस तरह काम करता है यह साइबर ट्रैप?

जब भी कोई विषय इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड करता है, तो हैकर्स उस नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स और लिंक्स तैयार कर लेते हैं. जैसे ही कोई यूजर वीडियो डाउनलोड करने के लिए इन लिंक्स पर क्लिक करता है, उसे एक अनधिकृत वेब पेज पर रिडायरेक्ट कर दिया जाता है. वहां वीडियो प्ले करने या डाउनलोड पूरा करने के नाम पर एक थर्ड-पार्टी फाइल या एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है.

यह फाइल वास्तव में एक मालवेयर या स्पायवेयर होती है, जो फोन में इंस्टॉल होते ही बैकग्राउंड में सक्रिय हो जाती है. इसके बाद साइबर अपराधियों को यूजर के बैंक क्रेडेंशियल्स, मैसेजेस, ओटीपी (OTP), कॉन्टैक्ट्स और मीडिया फाइलों का पूरा एक्सेस मिल जाता है. इसके जरिए खातों से पैसे गायब किए जा सकते हैं या निजी डेटा का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा सकता है.

साइबर विशेषज्ञों की चेतावनी और सलाह

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान स्त्रोत से प्राप्त हुई लिंक पर बिना जांच-पड़ताल किए क्लिक न करें. इसके अलावा, किसी भी फॉरवर्डेड मैसेज या वीडियो लिंक को बिना पुष्टि के आगे शेयर करने से भी बचना चाहिए.

इंटरनेट पर किसी भी वायरल वीडियो की तलाश में अनधिकृत वेबसाइट्स पर जाना और वहां से किसी भी प्रकार की फाइल डाउनलोड करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक हो सकता है. साइबर सुरक्षा नियमों के अनुसार, मोबाइल में हमेशा आधिकारिक ऐप स्टोर (Google Play Store या Apple App Store) से ही एप्लीकेशन इंस्टॉल करनी चाहिए.

ऑनलाइन सुरक्षा के लिए जरूरी कदम

व्हाट्सएप, टेलीग्राम या एसएमएस पर आई किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें.

कोई भी वीडियो देखने के लिए किसी थर्ड-पार्टी एपीके (APK) फाइल को फोन में इंस्टॉल करने से बचें.

सोशल मीडिया पर मिलने वाले सनसनीखेज दावों वाले मैसेजेस को आगे फॉरवर्ड न करें.

अपने सभी ऑनलाइन खातों और बैंक ऐप्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Two-Factor Authentication) लागू रखें.

यदि आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2026 10:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).