शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान के 'Torii' रेस्टोरेंट में नकली पनीर? इन्फ्लुएंसर के आयोडीन टेस्ट का VIDEO वायरल

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर सार्थक सचदेवा ने शाहरुख़-गौरी खान के 'तोरी' रेस्त्रां समेत कई सेलेब्रिटी रेस्त्रां के पनीर पर आयोडीन टेस्ट कर नकली होने का दावा किया. वीडियो वायरल होने पर 'तोरी' ने सफाई दी कि पनीर नहीं, बल्कि उसकी बाहरी कोटिंग में स्टार्च होने से रंग बदला. यह मामला सोशल मीडिया पर खाद्य शुद्धता को लेकर बहस का विषय बन गया है.

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की पत्नी गौरी खान (Gauri khan) का मुंबई (Mumbai) स्थित आलीशान रेस्तरां टोरी इस वक्त काफी सुर्खियों में है. हाल ही में एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर सार्थक सचदेवा (Influencer Sarthak Sachdeva) ने पनीर की शुद्धता को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कई बड़े सेलेब्रिटी ब्रांड्स के पनीर का आयोडीन टेस्ट (Fake Paneer Test)  किया. इस वीडियो में सार्थक ने 'टोरी' रेस्त्रां के पनीर पर टेस्ट किया और आरोप लगाया कि पनीर नकली है. इसके बाद रेस्त्रां ने अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि पनीर असली है, और आयोडीन टेस्ट में जो रंग बदलने की घटना हुई, वह पनीर के बाहरी कोटिंग की वजह से है.

क्या था वायरल वीडियो में?

सार्थक सचदेव ने वायरल वीडियो में मुंबई के कुछ प्रमुख रेस्त्रां जैसे विराट कोहली के 'वन8 कम्यून', शिल्पा शेट्टी के 'बैस्टियन', बॉबी देओल के 'समप्लेस एलीस' और शाह रुख़-गौरी खान के 'टोरी' में पनीर का टेस्ट किया. इस टेस्ट में सार्थक ने आयोडीन टिंक्चर (जो कि आमतौर पर रंग बदलने वाला होता है) का इस्तेमाल किया और देखा कि पनीर पर रंग बदल रहा था, जिससे उन्हें लगा कि पनीर में मिलावट हो सकती है. खासकर 'तोरी' रेस्त्रां में पनीर का रंग काला हो गया, जिसे लेकर लोगों के मन में सवाल उठने लगे.

आयोडीन टेस्ट क्या है?

आयोडीन टेस्ट एक साधारण तरीका है जिससे यह पता चलता है कि किसी खाद्य पदार्थ में स्टार्च है या नहीं. पनीर में स्वाभाविक रूप से स्टार्च नहीं होना चाहिए. अगर पनीर पर आयोडीन लगाया जाता है और रंग नीला या काला हो जाता है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि उसमें स्टार्च या मिलावट की कोई चीज़ डाली गई हो. लेकिन यहां एक और बात है - कभी-कभी पनीर के बाहर का कोटिंग, जैसे कि आटे का लेप, भी ऐसा रिएक्शन पैदा कर सकता है, भले ही पनीर खुद शुद्ध हो.

वायरल वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रिया

'टोरी' रेस्त्रां ने दी प्रतिक्रिया

सार्थक के वीडियो के बाद 'टोरी' रेस्त्रां ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. रेस्त्रां की ओर से कहा गया, "आयोडीन टेस्ट स्टार्च की उपस्थिति को दिखाता है, न कि पनीर की असलियत को. हमारे व्यंजन में सोया आधारित सामग्री है, जिसकी वजह से आयोडीन का रिएक्शन हुआ है. हम अपने पनीर और अन्य सामग्री की शुद्धता पर पूरा भरोसा रखते हैं."

रेस्त्रां ने यह भी बताया कि पनीर में स्टार्च या मिलावट नहीं है, बल्कि यह बाहरी कोटिंग के कारण हुआ था.

क्या आयोडीन टेस्ट हमेशा सही है?

हालांकि आयोडीन टेस्ट एक शुरुआती जांच का तरीका हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से यह साबित नहीं कर सकता कि पनीर असली है या नहीं. असली मिलावट का पता लगाने के लिए लैब टेस्ट सबसे भरोसेमंद तरीका होता है. हालांकि, इस टेस्ट के जरिए उपभोक्ताओं में खाद्य सुरक्षा और शुद्धता को लेकर जागरूकता जरूर बढ़ी है.

इस मामले ने यह साबित कर दिया है कि लोग अब अपने खाने-पीने की चीज़ों के बारे में अधिक जागरूक हो गए हैं और वे मिलावट के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं. अब देखना यह है कि इस तरह के विवादों के बाद रेस्त्रां और खाद्य कंपनियां कितनी जिम्मेदारी से अपनी सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करती हैं.

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