Fact Check: क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी भारतीय यूजर्स को दे रहे हैं 3 महीने का फ्री मोबाइल रिचार्ज? जानिए वायरल मैसेज की सच्चाई

सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स, विशेष रूप से व्हाट्सएप पर तेजी से फैल रहे एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी भारतीय मोबाइल यूजर्स को 3 महीने का फ्री रिचार्ज दे रहे हैं. केंद्र सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक विंग 'पीआईबी फैक्ट चेक' ने इस दावे की पड़ताल कर इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया है. पीआईबी ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार या प्रधानमंत्री द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं चलाई जा रही है

तीन महीने के लिए फ़्री मोबाइल रिचार्ज का फर्जी दावा (Photo Credits: X/@PIBFactCheck)

नई दिल्ली: सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप्लिकेशन्स पर इन दिनों एक मैसेज व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) देश के सभी नागरिकों को 3 महीने का मुफ्त मोबाइल रिचार्ज उपलब्ध करा रहे हैं.

केंद्र सरकार की आधिकारिक जांच एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने इस वायरल दावे का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी (Fake) और धोखाधड़ी का प्रयास करार दिया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या सरकार खरीद रही है पुराने नोट और सिक्के? पीएम मोदी के नाम से वायरल वीडियो का PIB ने खोला सच

व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर क्या किया जा रहा है दावा?

व्हाट्सएप और फेसबुक पर तेजी से वायरल हो रहे संदेशों में लिखा जा रहा है कि प्रधानमंत्री की ओर से देश के सभी मोबाइल उपभोक्ताओं को तीन महीने का फ्री रिचार्ज दिया जा रहा है:

पीआईबी फैक्ट चेक ने की पुष्टि: दावा पूरी तरह फर्जी

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ऐसी किसी भी योजना का संचालन नहीं कर रही है:

PIB का कहना है कि यह दावा फर्जी है

कैसे काम करता है यह ऑनलाइन फ्रॉड?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के संदेश फिशिंग और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं:

अनजान लिंक्स से रहें सतर्क

साइबर अपराध शाखा और सरकार ने उपयोगकर्ताओं को सलाह दी है कि किसी भी आधिकारिक योजना की पुष्टि हमेशा संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या सरकार के आधिकारिक पोर्टल से ही करें. किसी भी अनजान स्रोत से आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी निजी जानकारी साझा करें. संदिग्ध कॉल या फ्रॉड संदेशों की शिकायत केंद्र सरकार के संचार साथी पोर्टल के तहत उपलब्ध 'चक्षु' (Chakshu) सुविधा पर दर्ज कराई जा सकती है.

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