Fact Check: पुरुषों के शरीर से 'भूत भगाने' के नाम पर महिला पादरी की गिरफ्तारी का दावा फर्जी, जानें क्या है पूरा सच
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वह दावा पूरी तरह से झूठा है जिसमें कहा गया है कि एक महिला पादरी ने पुरुषों के शरीर से 'बुरी आत्माएं' निकालने के बहाने उनका यौन शोषण किया. यह वायरल मीम दरअसल साल 2019 में अमेरिका के न्यू जर्सी में हुए एक वास्तविक मामले पर आधारित है, जिसे इंटरनेट पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है.
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नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म्स पर पिछले कुछ दिनों से एक अजीबोगरीब और चौंकाने वाला दावा तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है. इस दावे के मुताबिक, एक महिला पादरी को चर्च के पुरुष सदस्यों के शरीर से 'भूत-प्रेत (डेमन्स) भगाने' (Rid Them of Demons) के नाम पर उनके साथ ओरल सेक्स (यौन कृत्य) करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस खबर ने इंटरनेट पर एक नई बहस और आक्रोश को जन्म दे दिया था. हालांकि, गहन जांच और फैक्ट-चेक से यह साफ हो गया है कि यह वायरल दावा पूरी तरह मनगढ़ंत और फर्जी (Hoax) है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या ब्राजील में 11 लाख रुपये देकर महिलाएं अपना 'बॉडी काउंट' जीरो करा रही हैं? जानिए इस वायरल वीडियो का सच
क्या है वायरल दावे की हकीकत?
इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी यह कहानी किसी महिला पादरी से जुड़ी ही नहीं है. फैक्ट-चेक के अनुसार, यह भ्रामक पोस्ट दरअसल साल 2019 के एक वास्तविक अदालती मामले पर आधारित है. शरारती तत्वों ने मुख्य घटना के तथ्यों को तो बरकरार रखा, लेकिन शामिल किरदारों का जेंडर बदल दिया (Gender-Swapped Hoax)। ऐसा केवल सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यूज, क्लिक और जुड़ाव (Engagement) हासिल करने के उद्देश्य से सनसनी फैलाने के लिए किया गया है.
वास्तविक मामला: साल 2019 का न्यू जर्सी कांड
सच्चाई यह है कि यह मामला न्यू जर्सी के लिंडन में स्थित 'लिंडन प्रेस्बिटेरियन चर्च' का है. वहां के एक पुरुष पादरी रेवरेंड डॉ. विलियम वीवर (Rev. Dr. William Weaver) पर चर्च के ही पुरुष सदस्यों ने झाड़-फूंक और भूत भगाने के बहाने यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया था.
69 वर्षीय डॉ. विलियम वीवर करीब 39 वर्षों से उस चर्च में अपनी सेवाएं दे रहे थे. साल 2019 में दर्ज हुए दीवानी मुकदमे (Civil Lawsuit) के मुताबिक, पीड़ित पुरुषों ने आरोप लगाया था कि निजी काउंसलिंग सत्रों के दौरान पादरी उनसे कहता था कि उनके शरीर के भीतर मौजूद बुरी आत्माओं को वह अपने मुंह के जरिए बाहर खींच लेगा.
भूत-प्रेत भगाने की रस्म के तौर पर महिला पादरी द्वारा ओरल सेक्स का इस्तेमाल करने का फर्जी दावा

अजीबोगरीब अनुष्ठान और पादरी का इस्तीफा
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इस कथित अनुष्ठान के दौरान पीड़ितों को अपने सिर पर 'एंजेल कॉइन्स' (विशेष सिक्के) रखने और अपने हाथों पर पत्थरों को संतुलित करने के लिए कहा जाता था. चर्च प्रशासन की आंतरिक जांच में पादरी के खिलाफ 'यौन दुराचार और मूर्तिपूजा' के पुख्ता सबूत पाए गए थे.
इस मामले में जब चर्च की अदालत में मुकदमा शुरू होने वाला था, उससे ठीक एक दिन पहले जनवरी 2019 में डॉ. वीवर ने अपनी पादरी की उपाधि त्याग दी और वहां से इस्तीफा देकर एक रिटायरमेंट कम्युनिटी में रहने चले गए थे. इंटरनेट पर अब इसी पुराने मामले को एक महिला पादरी का रूप देकर नए सिरे से अफवाह के रूप में फैलाया जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2026 12:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

