Fact Check: सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों एक हैरान करने वाला दावा तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है. विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर लाखों बार देखे जा चुके एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि महिलाएं ब्राजील (Brazil) के एक खास 'बॉडी काउंट रिकवरी सेंटर' (Body Count Recovery Center) जा रही हैं. वहां वे 13,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 11 लाख रुपये) खर्च करके एक आध्यात्मिक अनुष्ठान के जरिए अपने यौन इतिहास (Body Count) को पूरी तरह से मिटाकर 'जीरो' कर रही हैं. हालांकि, फैक्ट-चेक (Fact Check) और डिजिटल जांच में यह दावा पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत पाया गया है. यह भी पढ़ें: Mukena Putih Coolmax Viral Video: 'मुकेना पुतिह कूलमैक्स' वायरल वीडियो, क्या 'अनसेंसर्ड क्लिप' के नाम पर इंटरनेट पर चल रहा है बड़ा स्कैम?
ब्राजील का नहीं, इंडोनेशिया का है वायरल वीडियो
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के 'कम्युनिटी नोट्स' और डिजिटल वेरिफिकेशन एक्सपर्ट्स की जांच में सामने आया है कि वायरल हो रहा वीडियो ब्राजील का है ही नहीं. दरअसल, यह वीडियो इंडोनेशिया के बाली में होने वाले एक पारंपरिक हिंदू शुद्धिकरण अनुष्ठान का है, जिसे 'मेलुकत' (Melukat) कहा जाता है. इंटरनेट पर मौजूद मूल दस्तावेजों और वीडियो की कड़ियों को जोड़कर विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि भौगोलिक और संदर्भ, दोनों ही स्तरों पर वायरल पोस्ट में किया गया दावा पूरी तरह गलत है.
वजूद में ही नहीं है ऐसा कोई 'रिकवरी सेंटर'
वायरल पोस्ट्स में जिस 'बॉडी काउंट रिकवरी सेंटर' का नाम लिया जा रहा है और जितनी रकम (13,000 डॉलर) बताई जा रही है, असल में वैसी किसी संस्था का कोई अस्तित्व नहीं है. आधिकारिक बिजनेस रजिस्ट्रियों, सरकारी वेबसाइटों और क्रेडिबल कॉर्पोरेट जर्नलिस्टिक ट्रैकिंग डेटाबेस में दुनिया भर में कहीं भी इस नाम के किसी सेंटर का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है. विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर सिर्फ व्यूज, लाइक्स और एल्गोरिदम रीच बढ़ाने के लिए इस तरह के आपत्तिजनक और भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल कर फर्जी कहानी गढ़ी गई है.
क्या है 'मेलुकत' अनुष्ठान का असली महत्व?
जिस वीडियो को गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है, वह बाली के हिंदुओं की सदियों पुरानी पवित्र आध्यात्मिक परंपरा 'मेलुकत' से जुड़ा है। इस अनुष्ठान में लोग अपने भीतर की नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक तनाव को दूर करने, आध्यात्मिक शुद्धता पाने और जीवन के बड़े मील के पत्थरों पर आशीर्वाद लेने के लिए प्राकृतिक झरनों या पवित्र जल स्रोतों में प्रार्थना करते हैं और स्नान करते हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाली आने वाले पर्यटक भी आत्म-चिंतन और शांति के लिए इस अनुष्ठान में भाग लेते हैं. सांस्कृतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस पवित्र परंपरा का आधुनिक पश्चिमी स्लैंग (Slang) या किसी के व्यक्तिगत संबंधों के इतिहास को बदलने से कोई लेना-देना नहीं है.












QuickLY