Fact Check: क्या ट्रंप के 50% टैरिफ ऐलान के बाद NRI छोड़ रहे हैं अपनी अमेरिकी नागरिकता? फर्जी वीडियो के जरिए फैलाई जा रही अफवाह... जानिए सच्चाई
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से संचालित कुछ प्रोपेगेंडा अकाउंट एक वीडियो शेयर कर रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय (NRIs) अमेरिकी ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाने के बाद अपनी नागरिकता छोड़ रहे हैं.
NRIs Passport Viral Video Fact Check: सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से संचालित कुछ प्रोपेगेंडा अकाउंट एक वीडियो शेयर कर रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय (NRIs) अमेरिकी ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाने के बाद अपनी नागरिकता छोड़ रहे हैं और पासपोर्ट फेंक रहे हैं. लेकिन फैक्ट चेक में ये दावा पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत निकला. असल में, वायरल वीडियो का ऑडियो डिजिटल तरीके से बदला गया है. असली फुटेज 30 जुलाई 2025 से इंटरनेट पर मौजूद है और उसमें हकीकत कुछ और ही है. उस मूल वीडियो में लोग नदी किनारे मछली पकड़ते समय मिले पासपोर्ट वापस निकालते दिख रहे हैं.
बातचीत में वे अनुमान लगाते हैं कि शायद किसी वीजा एजेंट ने इन्हें यहां फेंक दिया होगा.
फेक वीडियो से फैलाई जा रही है भारत विरोधी अफवाह
30 जुलाई को ट्रंप ने 25% टैरिफ लगाया था
6 अगस्त को अतिरिक्त 25% का ऐलान किया
पासपोर्ट वाला वीडियो एडिटेड है
महत्वपूर्ण बात ये है कि 30 जुलाई को ही ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया था और 6 अगस्त को अतिरिक्त 25% का ऐलान किया. यानी पासपोर्ट वाले वीडियो और टैरिफ का कोई संबंध ही नहीं है. इसके अलावा, वायरल वीडियो के नकली ऑडियो में एक साफ पाकिस्तानी लहजा सुनाई देता है, जिसमें झूठा दावा किया जा रहा है कि NRIs अपने पासपोर्ट पाकिस्तान में फेंक रहे हैं.
ये बात तर्कहीन है, क्योंकि पासपोर्ट और वीजा के बिना विदेश यात्रा संभव ही नहीं, और नागरिकता छोड़ने की भी एक तय प्रक्रिया होती है.
फेक वीडियो का मकसद क्या है?
इस तरह के फेक वीडियो का मकसद साफ है. भारत के खिलाफ गलत नैरेटिव तैयार करना और लोगों के बीच भ्रम फैलाना.
ऐसे में जरूरी है कि हम सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी सनसनीखेज खबर को बिना जांचे-परखे आगे न बढ़ाएं. सच और झूठ की पहचान ही हमें फेक न्यूज़ के जाल से बचा सकती है.