पिछले कुछ दिनों से फेसबुक, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक संदिग्ध वीडियो लिंक तेजी से शेयर किया जा रहा है. इस लिंक को '19-minute 34-second viral video' या '19 मिनट 34 सेकेंड का वीडियो' नाम से प्रचारित किया जा रहा है. साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के लिंक प्राइवेसी के लिए एक बड़ा खतरा हैं. यह वीडियो किसी की निजी जिंदगी या आपत्तिजनक सामग्री से जुड़ा हो सकता है, जिसके चलते इंटरनेट पर इसके मुख्य लिंक को खोजने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई है.
डेटा चोरी और मालवेयर का गंभीर खतरा
इस वायरल लिंक पर क्लिक करना आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. साइबर अपराधियों द्वारा ऐसे ट्रेंडिंग टॉपिक्स का इस्तेमाल यूजर्स को ठगने के लिए किया जाता है. जब कोई यूजर 'ओरिजिनल लिंक' के चक्कर में इन अज्ञात वेबसाइट्स पर क्लिक करता है, तो उसके मोबाइल या कंप्यूटर में खतरनाक मालवेयर (Malware) या स्पाइवेयर डाउनलोड हो जाते हैं. इसके जरिए हैकर्स आपके डिवाइस का पूरा एक्सेस हासिल कर सकते हैं, जिससे आपकी तस्वीरें, चैट्स और बैंकिंग पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारियां चोरी होने का खतरा रहता है.
आईटी एक्ट के तहत जेल और भारी जुर्माना
भारत में किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी निजी या आपत्तिजनक सामग्री को इंटरनेट पर देखना, डाउनलोड करना या आगे शेयर करना एक गंभीर दंडनीय अपराध है. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act 2000) की धारा 67 और 67A के तहत अश्लील या किसी की प्राइवेसी का उल्लंघन करने वाली सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रसारित करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है. इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर पहली बार में 3 से 5 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना हो सकता है. दोबारा ऐसा करने पर सजा और जुर्माने की अवधि बढ़ जाती है.
पहचान की चोरी और ब्लैकमेलिंग का जाल
इन संदिग्ध लिंक्स के पीछे अक्सर फिशिंग स्कैम (Phishing Scam) छिपे होते हैं. वीडियो देखने के लिए ये वेबसाइट्स यूजर्स से उनकी ईमेल आईडी, सोशल मीडिया क्रेडेंशियल्स या फोन नंबर दर्ज करने को कहती हैं. एक बार जब यूजर यह जानकारी साझा कर देता है, तो साइबर अपराधी उसकी 'आइडेंटिटी थेफ्ट' (पहचान की चोरी) कर लेते हैं. कई मामलों में यूजर्स के पर्सनल डेटा को हासिल करने के बाद उन्हें ब्लैकमेल करने और पैसों की उगाही करने के मामले भी सामने आते रहे हैं.
इंटरनेट पर सुरक्षित रहने के लिए सतर्कता जरूरी
डिजिटल दुनिया में किसी भी सनसनीखेज या बिना पुष्टि वाले लिंक पर क्लिक करने से हमेशा बचना चाहिए. यदि आपके किसी ग्रुप या दोस्त ने यह वीडियो लिंक भेजा है, तो उसे आगे फॉरवर्ड बिल्कुल न करें. ऐसे मामलों में उत्सुकता दिखाने के बजाय जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करना और उस अकाउंट या पोस्ट को तुरंत रिपोर्ट करना सबसे सही कदम है. इंटरनेट पर आपकी थोड़ी सी सतर्कता आपको एक बड़ी वित्तीय और कानूनी मुसीबत में फंसने से बचा सकती है.













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