Nagpur News: विदेश में नौकरी का झांसा देकर ₹8 लाख ठगे, नागपुर की 28 वर्षीय महिला को पुर्तगाल ले जाकर शोषण का आरोप; 8 पर केस
Nagpur News: विदेश में आकर्षक नौकरी और भारी वेतन का सपना दिखाकर धोखाधड़ी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है. नागपुर की एक 28 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि पुणे की एक फर्म ने विदेश में नौकरी का झांसा देकर उनसे 8 लाख रुपये ऐंठ लिए और बाद में उन्हें पोर्तुगाल में एक बीयर शॉप के मालिक को बेच दिया, जहां उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया.
पीड़िता की शिकायत पर पुणे के विमानतल पुलिस स्टेशन में 5 अगस्त को मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने भारत और पोर्तुगाल में मौजूद कुल आठ आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़े: Mumbai: नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, सऊदी में जॉब दिलाने का झांसा देकर सात युवकों से ठगे 8.75 लाख रुपये
सोशल मीडिया से संपर्क और फर्जी दस्तावेज
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, नागपुर से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी करने वाली पीड़िता विदेश में रोजगार की तलाश कर रही थीं. दिसंबर में उन्हें 'वी माइग्रेट' नाम की एक कंपनी के इंस्टाग्राम पेज की जानकारी मिली, जिसका कार्यालय पुणे के विमान नगर स्थित फिनिक्स मार्केटसिटी में था.
महिला ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया, जिसके बाद 24 जनवरी 2026 को उन्हें 'लेट्स माइग्रेट कम्युनिटी 3' नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया. इसके बाद 14 फरवरी को महिला अपने पति और सास के साथ पुणे स्थित कंपनी के दफ्तर पहुंचीं.
कंपनी के कर्मचारियों ने दावा किया कि उनकी संस्था विदेश मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है. उन्होंने पीड़िता को फर्जी लाइसेंस, वर्क परमिट और स्टूडेंट रेसिडेंट कार्ड दिखाए. साथ ही, पोर्तुगाल, स्पेन और नीदरलैंड्स में 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पर काम कर रहे फर्जी लोगों से फोन पर बात भी कराई.
लाखों रुपये की ठगी और विदेश यात्रा
कंपनी ने महिला को सुपरमार्केट कैशियर, अकाउंटेंट या वर्कर की नौकरी देने के लिए 11 लाख रुपये का खर्च बताया, जिसमें से 3 लाख रुपये एयर टिकट, वीजा और इंश्योरेंस के शामिल थे. झांसे में आकर महिला ने किश्तों में कुल 8 लाख रुपये कंपनी को दे दिए.
5 मार्च को हैदराबाद में वीजा दस्तावेज जमा करने के बाद महिला को फ्रांस का 'मल्टीपल एंट्री वीजा' मिला. 21 मई को महिला मुंबई से स्पेन के लिए रवाना हुईं. वहां से एक व्यक्ति उन्हें अगले दिन पोर्तुगाल ले गया और एक घर में रखा, जहां आरोपियों ने उनका पासपोर्ट छीन लिया और 400 यूरो ऐंठने के बाद वापस किया.
ओडेमिरा में बिक्री और जबरन श्रम
पीड़िता को पोर्तुगाल के ओडेमिरा शहर ले जाया गया. वहां उन्हें बताया गया कि उनका स्टूडेंट टीआरसी और सुपरमार्केट में कैशियर की नौकरी का काम प्रक्रिया में है. हालांकि, सुपरमार्केट के बजाय महिला को एक बीयर शॉप के मालिक को सौंप दिया गया.
महिला का आरोप है कि बीयर शॉप के मालिक ने उनसे जबरन मजदूरी कराई और अनैतिक गतिविधियों के लिए दबाव बनाया. उस घर में राजस्थान और हरियाणा की दो अन्य भारतीय महिलाएं भी इसी तरह से बंधक बनी हुई थीं.
भारत वापसी और पुलिस कार्रवाई
धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़िता ने अपने पति से संपर्क किया. 29 मई को वह किसी तरह ओडेमिरा से बस पकड़कर स्पेन के मैड्रिड पहुंचीं. वहां से दोहा होते हुए 31 मई को दिल्ली लैंड हुईं, जहां उनके पति उन्हें लेने पहुंचे थे.
भारत लौटने के बाद भी आरोपियों ने पीड़िता को ईमेल भेजकर 3 लाख रुपये अतिरिक्त मांगने और पासपोर्ट जमा कराने का दबाव बनाया. इसके बाद दंपत्ति ने पुणे पहुंचकर पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई.
विमानतल पुलिस स्टेशन में पुणे के 4 और पोर्तुगाल में मौजूद 4 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस मामले की जांच पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 08, 2026 01:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

