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Sardar Vallabhbhai Patel 149 th Jayanti 2024: भारत को एक सूत्र में पिरोने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल पर कुछ प्रेरक कोट्स!

आजाद भारत के इतिहास में सरदार वल्लभ भाई पटेल का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित है. उनकी जयंती को देश भर में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है. पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद गांव में एक जमींदार परिवार में हुआ था.

Sardar Vallabhbhai Patel 149 th Jayanti 2024: भारत को एक सूत्र में पिरोने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल पर कुछ प्रेरक कोट्स!
Sardar Vallabhbhai Patel 149 th Jayanti (img: file photo)

आजाद भारत के इतिहास में सरदार वल्लभ भाई पटेल का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित है. उनकी जयंती को देश भर में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है. पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद गांव में एक जमींदार परिवार में हुआ था. पटेल गांधीजी के शुरुआती राजनीतिक लेफ्टिनेंटों में से एक थे, जिन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ खेड़ा, बोरदा और बारडोली के बीच अहिंसक सविनय अवज्ञा के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पटेल को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 49वें अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था. आजादी के बाद वे भारत के पहले गृहमंत्री और उप प्रधानमंत्री बनाए गये. उन्होंने पाकिस्तान से पंजाब और दिल्ली आए विभाजन शरणार्थियों के लिए राहत प्रयासों के आयोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और शांति बहाल के प्रयास भी किए. ‘लौह पुरुष’ के नाम से विख्यात पटेल का 15 दिसंबर 1950 को हार्ट अटैक से निधन हो गया. सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उनके कुछ प्रेरक कोट्स यहां प्रस्तुत हैं. यह भी पढ़ें : Hanuman Jayanti 2024 Messages: हैप्पी हनुमान जयंती! प्रियजनों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Wishes, Quotes, GIF Greetings और Photo SMS

* ‘शक्ति के अभाव में विश्वास किसी काम का नहीं है. किसी भी महान कार्य को पूरा करने के लिए विश्वास और शक्ति दोनों ही आवश्यक हैं.’

* ‘एकता के बिना जनशक्ति एक ताकत नहीं है, जब तक कि इसे ठीक से सामंजस्यपूर्ण और एकजुट न किया जाए, तब यह एक आध्यात्मिक शक्ति बन जाती है.’

* ‘भले ही हम हजारों की संपत्ति खो दें, और हमारा जीवन बलिदान हो जाए, हमें मुस्कुराते रहना चाहिए, और ईश्वर एवं सत्य पर विश्वास रखते हुए प्रसन्न रहना चाहिए.’

* ‘यह महसूस करना प्रत्येक नागरिक की प्रमुख जिम्मेदारी है कि उसका देश स्वतंत्र है और उसकी स्वतंत्रता की रक्षा करना उसका कर्तव्य है.’

* ‘सत्याग्रह कमजोर या कायरों का धर्म नहीं है.’

* ‘हमें आपसी कलह को दूर करना होगा, ऊंच-नीच का भेद मिटाना होगा और समानता की भावना विकसित करनी होगी, साथ ही अस्पृश्यता को दूर करना होगा. हमें ब्रिटिश शासन से पहले प्रचलित स्वराज की स्थितियों को बहाल करना होगा. हमें उनके बच्चों की तरह रहना होगा.’

* ‘लोकतांत्रिक व्यवस्था में हमें प्रेस की स्वतंत्रता, बोलने की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संघ की स्वतंत्रता और सभी प्रकार की स्वतंत्रता होनी चाहिए.’

* ‘साझा प्रयास से हम देश को एक नई महानता तक पहुंचा सकते हैं, जबकि एकता की कमी हमें नई आपदाओं के लिए उजागर करेगी.’

* ‘हमारा युद्ध अहिंसक है, धर्म युद्ध है.’

* ‘अहिंसा को विचार, शब्द और कर्म में अपनाना होगा. हमारी अहिंसा का माप ही हमारी सफलता का माप होगा.’

* ‘दिल से काम करो, और मेहनत करो, सफलता आपके कदम चूमेगी.’

* ‘भारत एकता में ही शक्ति है.’

* ‘जब तक हमारे अंदर एकता नहीं है, तब तक हम आगे नहीं बढ़ सकते.’

* ‘आपका भविष्य आपके हाथ में है.’

* ‘संकट में, साहस ही एकमात्र समाधान है.’

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 30, 2024 10:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).