शनि देव को प्रसन्न और स्वयं को खुशहाल देखना है तो जीवन में करें इन 5 नियमों का पालन! जानें क्या हैं ये नियम!
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनि देव (Shani Dev) सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं. हिंदू धर्म में शनि देव को बहुत कठोर देव माना जाता है, मान्यता है कि उनकी टेढ़ी दृष्टि जिस पर पड़ती है, वह कभी खुशहाल नहीं रह सकता. शनि को सभी 9 ग्रहों में दंडनायक माना जाता है. जिससे वे रुष्ठ होते हैं, उसे कोई भी देव आशीर्वाद नहीं दे सकता.
Saturday Special: हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनि देव (Shani Dev) सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं. हिंदू धर्म में शनि देव को बहुत कठोर देव माना जाता है, मान्यता है कि उनकी टेढ़ी दृष्टि जिस पर पड़ती है, वह कभी खुशहाल नहीं रह सकता. शनि को सभी 9 ग्रहों में दंडनायक माना जाता है. जिससे वे रुष्ठ होते हैं, उसे कोई भी देव आशीर्वाद नहीं दे सकता, लेकिन क्या आप शनि देव के मूल स्वरूप से परिचित हैं? अगर नहीं तो आप शनि के संदर्भ में व्याप्त निगेटिविटी में पॉजिटिविटी तलाशें, आप शनि में एक शिक्षक का दर्शन करेंगे, जो आपको किसी भी चुनौतियों का धैर्य, सच्चाई, सादगी और अनुशासित ढंग से सामना करने की शिक्षा देता है. आपको जीवन में केवल पांच बातों पर अमल करना है, तत्पश्चात आपके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास होगा, आप सदा खुशहाल रहेंगे, तो आइये जानें शनि के पांच (5 Rules of Shani Dev) नियम क्या हैं.
अनुशासन
शनि देव चाहते हैं कि हम अपने दैनिक जीवन में अनुशासन बनाए रखें. समय पर स्नान करें, स्वयं को स्वच्छ रखें, अपने घर को साफ-सुथरा रखें, अपने दिनचर्या में शिक्षा, रोजी-रोजगार के प्रति समर्पित हों और इसके लिए कठोर परिश्रम करें. नियमित व्यायाम करें. अगर आप ऐसा नहीं करते तो आप जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर सकते. शनिदेव चाहते हैं कि लोग अपना रास्ता स्वयं तलाशें, स्वनिर्भर बनें और स्वस्थ रहें.
कठोर परिश्रम
जो लोग कड़ी मेहनत करके कुछ हासिल करते हैं, शनि देव उसकी हर संभव मदद करते हैं, क्योंकि पुराणों में उन्हें कर्मों का देवता माना जाता है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप काम छोटा करते हैं या बड़ा, मगर कड़ी परिश्रम बहुत जरूरी है. शीघ्र सफलता के लिए कोई शार्टकट नहीं होता. मन में इस बात पर विश्वास रखें कि शनि आपके कठोर परिश्रम का हमेशा मीठा फल ही देते हैं.
सादगी
जीवन में सच्चाई और सादगी शनि देव को बहुत प्रिय है. फिजूल, मनगढंत और बेसिर-पैर की शनि देव के लिए कोई मायने नहीं रखतीं. शनि सरल और साधारण स्वभाव तथा सच पर चलने वालों के साथ होते हैं. यानी हमारे पास जो है. हमें उसकी कद्र करनी चाहिए. सरल और क्रमबद्ध ढंग से आगे बढ़नेवाला ही जीवन में सफल होता है, लेकिन इस दुनिया में कलरफुल और ध्यान भटकाने वाले भी बहुत हैं, जिन्हें शनि जरा भी पसंद नहीं करते. यह भी पढ़ें: शनिवार की सुबह ये 5 चीजें दिख जायें तो समझ लें कि शनिदेव की आप पर विशेष कृपा होने वाली है
सच्चाई
मान्यता है कि सत्य बोलने से शनि के शुभ प्रभावों का विस्तार होता है. इसके विपरीत झूठ बोलने से झूठे व्यक्ति का शमन होता है. झूठ और पाखंड के जाल से भरे इस युग में, सच्चा होना एक बड़ी चुनौती भी है और उपलब्धि भी. लेकिन यदि आप सत्य बोलते हैं, सत्य का साथ देते हैं तो आपका चित्त शांत रहता है, आप पूरी ऊर्जा के साथ अपने कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सफल होते हैं. वरना आपका एक झूठ आपसे एक के बाद एक झूठ बोलने के लिए विवश करता है.
हकीकत
शनि देव आपको हमेशा हकीकत का आइना दिखाते रहते हैं. आप धनी हैं या कंगाल जिस भी स्थिति में हैं, उसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार हैं. इस सच्चाई का सामना करना, योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना या फिर पलायनवाद का रास्ता अपना लेना, यह सब कुछ आप पर निर्भर करता है. इसलिए शनि देव चाहते हैं कि हकीकत का डटकर सामना करना सीखें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 17, 2021 08:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

