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Red Planet Day 2024: 28 नवंबर को क्यों मनाया जाता है लाल ग्रह दिवस? जानें इसका इतिहास एवं लाल ग्रह के कुछ रोचक फैक्ट!

सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह मंगल ग्रह स्थित है. इसकी आभा चूंकि रक्तिम अर्थात सुर्ख लाल रंग है, इसलिए यह लाल ग्रह नाम से भी लोकप्रिय है. प्रत्येक वर्ष 28 नवंबर को लाल ग्रह दिवस मनाया जाता है.

Red Planet Day 2024: 28 नवंबर को क्यों मनाया जाता है लाल ग्रह दिवस? जानें इसका इतिहास एवं लाल ग्रह के कुछ रोचक फैक्ट!
red planet day (img: file photo)

सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह मंगल ग्रह स्थित है. इसकी आभा चूंकि रक्तिम अर्थात सुर्ख लाल रंग है, इसलिए यह लाल ग्रह नाम से भी लोकप्रिय है. प्रत्येक वर्ष 28 नवंबर को लाल ग्रह दिवस मनाया जाता है. लाल ग्रह दिवस न केवल इस अग्रणी उपलब्धि की याद दिलाता है, बल्कि मंगल ग्रह का पता लगाने के लिए चल रहे प्रयासों को प्रतिबिंबित करने का एक अवसर भी है, जिसमें इसके वायुमंडल, भूविज्ञान और जीवन की क्षमता का अध्ययन करने के लिए विभिन्न मिशन शामिल हैं. लाल ग्रह दिवस पर आइये जानते हैं, इसके बारे में विस्तार से..

लाल ग्रह दिवस का इतिहास

मरीनर 4 अंतरिक्ष यान की मंगल ग्रह की सफल उड़ान और प्रक्षेपण की ऐतिहासिक उपलब्धि का सम्मान करने के लिए प्रत्येक वर्ष 28 नवंबर को लाल ग्रह दिवस मनाया जाता है. इस सफल यात्रा के दरमियान पहली बार किसी अंतरिक्ष यान ने लाल ग्रह की विस्तृत तस्वीरें भेजें, जिससे मंगल ग्रह के बारे में हमारी समझ और ग्रह विज्ञान के व्यापक क्षेत्र में काफी प्रगति हुई. गौरतलब है कि 28 नवंबर 1964 को मरीनर 4 अंतरिक्ष यान नासा द्वारा लॉन्च किया गया था. जो न केवल सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ, बल्कि मंगल ग्रह की सतह की तमाम तस्वीरें और अनमोल जानकारी प्राप्त हुई. यह करिश्मा करना वाला यह पहला यान था. यह भी पढ़ें :Saturn’s Transit into Jupiter’s Sign in 2025: इन राशि के जातकों का शुरू होगा स्वर्णिम काल! जानें कौन हैं वे भाग्यशाली?

लाल ग्रह दिवस का महत्व:

मेरिनर 4 द्वारा भेजी गई तस्वीरों ने मंगल ग्रह की वैज्ञानिक दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल कर रख दिया. विशेष रूप से यह कि मंगल ग्रह पर नहरें और उन्नत सभ्यताओं के अन्य संकेत थे, और साथ ही एक ठंडा, शुष्क और दुर्गम ग्रह का पता चला. मेरिनर 4 की सफलता ने भविष्य के मंगल मिशनों के लिए रास्ते खोल दिये, जिसमें लैंडर, रोवर्स और ऑर्बिटर के साथ ग्रह का अधिक विस्तार से पता लगाना शामिल है. यह दिवस न केवल इस उपलब्धि की याद दिलाता है, बल्कि मंगल ग्रह का पता लगाने के लिए चल रहे प्रयासों को प्रतिबिंबित करने का भी एक सुनहरा अवसर है, जिसके माध्यम से वायुमंडल, भूविज्ञान और जीवन की क्षमता का अध्ययन करने हेतु विभिन्न मिशन मानवीय जिज्ञासा, नवाचार और पृथ्वी से परे ब्रह्मांड को समझने को खोज के रूप में सेलिब्रेट करता है.

लाल ग्रह दिवस के बारे में रोचक फैक्ट

* मंगल ग्रह को दूरबीन से देखने वाले पहले व्यक्ति गैलीलियो गैलीली थे.

* लाल ग्रह का नाम, जो इसके लाल स्वरूप से जुड़ा है, रोमन देवता से लिया गया है.

* पृथ्वी की तुलना में सूर्य से अधिक दूरी के कारण, मंगल ग्रह पर ऐसे मौसम का अनुभव होता है जो अत्यधिक तापमान से बना होता है. यह तापमान -191 से +81 डिग्री फारेनहाइट तक जा सकता है.

* लाल ग्रह का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की तुलना में लगभग एक-तिहाई है. गुरुत्वाकर्षण के खिंचावों के कारण एक व्यक्ति जिसका वजन पृथ्वी पर 100 पाउंड है, अंतरिक्ष में उसका वजन केवल 38 पाउंड होगा.

* सूर्य से बहुत दूर होने के कारण मंगल की कक्षा बहुत धीमी गति से पूरी होती है. मंगल ग्रह पर एक ‘वर्ष’ में लगभग 687 दिन बीतेंगे, जो पृथ्वी पर एक वर्ष से लगभग दुगना है.

* मंगल ग्रह के चारों ओर कोई वलय नहीं हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 28, 2024 10:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).