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Ramzan 2026: सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट की अपील, आज शाम आसमान में चांद तलाशेंगे मुसलमान; जानें कब शुरू हो सकता है रोजा

सऊदी अरब के सर्वोच्च न्यायालय ने देश के नागरिकों से मंगलवार, 17 फरवरी को रमजान का चांद देखने की अपील की है. यदि आज चांद दिखता है, तो सऊदी अरब में बुधवार से पहला रोजा रखा जाएगा.

Ramzan 2026: सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट की अपील, आज शाम आसमान में चांद तलाशेंगे मुसलमान; जानें कब शुरू हो सकता है रोजा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits Twitter)

रियाद/नई दिल्ली: इस्लाम के सबसे पवित्र महीने रमजान के आगमन की तैयारियां दुनिया भर में शुरू हो गई हैं. सऊदी अरब के सर्वोच्च न्यायालय ने किंगडम के सभी मुसलमानों से मंगलवार शाम, 17 फरवरी 2026 (29 शाबान 1447 हिजरी) को रमजान का नया चांद तलाशने का आह्वान किया है। यदि आज शाम चांद का दीदार होता है, तो खाड़ी देशों में बुधवार से इबादत और रोजों का सिलसिला शुरू हो जाएगा. सऊदी प्रेस एजेंसी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि जो कोई भी अपनी नग्न आंखों या दूरबीन (बाइनोक्युलर) की मदद से अर्धचंद्राकार चांद (Crescent Moon) को देखे, वह तुरंत नजदीकी अदालत में अपनी गवाही दर्ज कराए. यह भी पढ़ें: Ramadan Moon Sighting 2026: Saudi Arabia, UAE सहित खाड़ी देशों में आज रमजान का चांद देखने की होगी कोशिश, कल से शुरू हो सकते हैं रोजे

अदालत ने उन लोगों से भी समितियों में शामिल होने का आग्रह किया है जो खगोलीय गणना और चांद देखने में रुचि रखते हैं, ताकि इस धार्मिक प्रक्रिया को पूरी सटीकता के साथ संपन्न किया जा सके.

बुधवार या गुरुवार: कब होगा पहला रोजा?

इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, नया महीना चांद दिखने पर निर्भर करता है:

  • सूरत-1: यदि मंगलवार (17 फरवरी) को चांद दिख जाता है, तो शाबान का महीना 29 दिनों का होगा और 18 फरवरी (बुधवार) को रमजान का पहला दिन होगा.
  • सूरत-2: यदि आज शाम चांद नजर नहीं आता है, तो शाबान का महीना 30 दिनों का होगा और रमजान की शुरुआत 19 फरवरी (गुरुवार) से होगी.

भारत और उपमहाद्वीप पर प्रभाव

सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद ही आमतौर पर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में चांद देखने की प्रक्रिया शुरू होती है.

क्या है रमजान का महत्व?

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे मुस्लिम समुदाय बेहद पवित्र मानता है। इस पूरे महीने रोजेदार सूर्योदय (सहरी) से सूर्यास्त (इफ्तार) तक अन्न-जल का त्याग कर अल्लाह की इबादत करते हैं. यह महीना धैर्य, दान और आत्म-अनुशासन का संदेश देता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 17, 2026 12:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).