Pulwama Attack 7th Anniversary: पुलवामा हमले की 7वीं बरसी पर जानें शहादत से बालाकोट एयरस्ट्राइक तक, वो घटनाक्रम जिसने बदल दी भारत की सुरक्षा रणनीति

आज 14 फरवरी 2026 को पुलवामा आतंकी हमले की 7वीं बरसी है. इस मौके पर जानें उस भयावह हमले की पूरी टाइमलाइन और कैसे भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकियों को करारा जवाब दिया था.

पुलवामा हमले की 7वीं बरसी (Photo Credits: IANS/LatestLY)

नई दिल्ली: भारत आज पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) की 7वीं बरसी मना रहा है. 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) जिले में हुए इस आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल  (Central Reserve Police Force) (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे. यह हमला दशकों में भारतीय सुरक्षा बलों पर हुआ सबसे घातक हमला था, जिसने न केवल देश को झकझोर कर रख दिया, बल्कि भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति और पाकिस्तान (Pakistan) के साथ उसके रिश्तों को भी हमेशा के लिए बदल दिया. इस 'ब्लैक डे' पर पूरा देश अपने वीर शहीदों को नमन कर रहा है. यह भी पढ़ें: List of Jawans Martyred in Pulwama Attack: पुलवामा हमले में शहीद हुए CRPF के 40 शहीदों जवानों की सूची, जिन्हें श्रद्धांजलि दे रहा पूरा देश

पुलवामा हमले की टाइमलाइन: त्रासदी से जवाबी कार्रवाई तक

फरवरी 2019 की उन घटनाओं ने दो परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसियों को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया था. घटनाक्रम इस प्रकार रहा:

बालाकोट एयरस्ट्राइक: एक ऐतिहासिक मोड़

बालाकोट पर की गई एयरस्ट्राइक दक्षिण एशियाई भू-राजनीति में एक 'वॉटरशेड' पल था. 1971 के युद्ध के बाद यह पहली बार था जब भारतीय विमानों ने सीमा पार कर पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.

भारत सरकार ने इसे एक "गैर-सैन्य एहतियाती कार्रवाई" बताया, जो इस खुफिया जानकारी पर आधारित थी कि वहां से और भी आत्मघाती हमलों की योजना बनाई जा रही थी. इस ऑपरेशन ने दुनिया को संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा.

जांच के निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति

हमले के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 2020 में 13,852 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. जांच में पाया गया कि हमले में लगभग 300 किलोग्राम विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें 80 किलोग्राम आरडीएक्स (RDX) शामिल था.

एनआईए ने साजिश में शामिल 19 आरोपियों की पहचान की थी. 2026 तक की स्थिति के अनुसार, जैश के कई शीर्ष कमांडर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं. हालांकि, चार्जशीट में नामजद कुछ मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार हैं, जिनके सीमा पार छिपे होने का संदेह है.

'ब्लैक डे' के रूप में स्मरण

भारत में 14 फरवरी को अब व्यापक रूप से 'ब्लैक डे' के रूप में मनाया जाता है. हालांकि विश्व स्तर पर यह वेलेंटाइन डे के रूप में पहचाना जाता है, लेकिन भारत के लिए यह राष्ट्रीय शोक और वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन बन गया है. देश भर के स्मारकों और सीआरपीएफ कैंपों में आज विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है.

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