Viral Gastroenteritis: क्या है वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस? जानें पेट में होने वाले इस संक्रमण के लक्षण, बचाव और उपचार के सही तरीके
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने 'स्टमक फ्लू' के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी दर्ज की है। यह अत्यधिक संक्रामक वायरस के कारण होता है, जिससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं होती हैं. स्वच्छता और हाइड्रेशन ही इससे बचाव का मुख्य जरिया है.
नई दिल्ली: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने 'वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस' (Viral Gastroenteritis) के मामलों में एक बार फिर मौसमी बढ़त की रिपोर्ट दी है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में 'स्टमक फ्लू' (Stomach Flu) भी कहा जाता है. हालांकि, नाम के विपरीत इसका इन्फ्लुएंजा (फ्लू) (Influenza) से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह अत्यधिक संक्रामक वायरस के कारण होता है जो सीधे पेट और आंतों को प्रभावित करते हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने, स्वच्छता बनाए रखने और विशेष रूप से बच्चों व बुजुर्गों के शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है. यह भी पढ़ें: Coliform Bacteria: दूध की शुद्धता पर सवाल, Amul, Mother Dairy और Country Delight के सैंपल लैब टेस्ट में फेल; जानें क्या है कोलीफॉर्म बैक्टीरिया का खतरा
संक्रमण के मुख्य कारण और प्रसार
वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस मुख्य रूप से 'नोरोवायरस' (Norovirus) और 'रोटावायरस' (Rotavirus) के कारण होता है. नोरोवायरस वयस्कों में संक्रमण का सबसे बड़ा कारण है और यह स्कूलों या सार्वजनिक स्थानों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर तेजी से फैलता है. वहीं, रोटावायरस बच्चों के लिए बड़ा जोखिम रहा है, हालांकि टीकाकरण के बाद इसके मामलों में कमी आई है.
ये वायरस दूषित भोजन, पानी, संक्रमित सतहों और किसी संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से फैलते हैं. ये वायरस सतहों पर लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं, जिससे उचित साफ-सफाई न होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
पहचानें संक्रमण के लक्षण
संक्रमण के संपर्क में आने के 12 से 48 घंटों के भीतर इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं. मुख्य संकेतों में शामिल हैं:
- लगातार मतली और उल्टी होना.
- पानी जैसा दस्त (Watery Diarrhea)।
- पेट में मरोड़ और दर्द.
- हल्का बुखार और शरीर में दर्द.
आमतौर पर यह बीमारी 1 से 3 दिनों तक रहती है, लेकिन ठीक होने के बाद भी व्यक्ति दो सप्ताह तक दूसरों में संक्रमण फैला सकता है. यह भी पढ़ें: E. Coli Infection: ई.कोलाई इन्फेक्शन क्या है? जानें लक्षण, कारण और बचाव के तरीके
उपचार और देखभाल के तरीके
वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस का कोई विशिष्ट इलाज या दवा नहीं है. चूंकि यह एक वायरल बीमारी है, इसलिए इस पर एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) बेअसर होती हैं. उपचार का मुख्य उद्देश्य लक्षणों को नियंत्रित करना और शरीर में पानी की कमी (Dehydration) को रोकना है.
डॉक्टर सलाह देते हैं कि एक बार में अधिक तरल पदार्थ पीने के बजाय छोटे-छोटे घूंट में बार-बार पानी पिएं. बच्चों और बुजुर्गों के लिए ओआरएस (ORS) या इलेक्ट्रोलाइट्स का घोल सबसे प्रभावी होता है. रिकवरी के लिए पूर्ण आराम अनिवार्य है. साथ ही, लक्षणों के खत्म होने के कम से कम 48 घंटे बाद तक घर पर रहने की सलाह दी जाती है ताकि दूसरों को संक्रमण न फैले.
बचाव के प्रभावी उपाय
अच्छी स्वच्छता ही इस बीमारी के खिलाफ सबसे मजबूत ढाल है. कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोना, हैंड सैनिटाइज़र की तुलना में अधिक प्रभावी होता है, विशेष रूप से नोरोवायरस के खिलाफ. घर की सतहों को साफ करने के लिए ब्लीच-आधारित कीटाणुनाशकों का उपयोग करना चाहिए.
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
हालांकि अधिकांश मामले अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सा सहायता आवश्यक है. यदि लगातार उल्टी हो रही हो, शरीर में पानी की कमी के संकेत दिखें, तेज बुखार हो या लक्षण तीन दिनों से अधिक समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें.