Breast Reduction Surgery: भारत में ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी का चलन तेजी से बढ़ा, जानें महिलाएं क्यों छोटा करवा रही हैं स्तन?
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी, यानी स्तनों को छोटा करने की सर्जरी भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही है. महिलाएं अब ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी की ओर रुख क्यों कर रही हैं?
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी, यानी स्तनों को छोटा करने की सर्जरी, भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही है. एक समय था जब ऐसी सर्जरी के बारे में बात करना भी अजीब माना जाता था, लेकिन अब महिलाएं खुलकर इस बारे में बात कर रही हैं और अपनी परेशानी का समाधान ढूंढ रही हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ है कि महिलाएं अब ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी की ओर रुख कर रही हैं?
जसप्रीत (बदला हुआ नाम) ने एक हैरान कर देने वाली घटना का जिक्र करते हुए कहा- "मुझे आज भी वह घटना साफ याद है. मैं यूनिवर्सिटी से बस में घर जा रही थी, तभी एक आवाज सुनाई दी, 'वाह, कितने बड़े ब्रेस्ट हैं!' जसप्रीत ने पीछे मुड़कर देखा, लेकिन वह व्यक्ति नहीं मिला. उन्हें बस इतना पता था कि वह एक आदमी था, जिसने उनके ब्रेस्ट पर टिप्पणी करने की 'हिम्मत' की थी.
दुर्भाग्य से 18 साल की जसप्रीत के लिए यह कोई नई बात नहीं थी. उन्हें अपने शरीर के कारण कई बार ऐसी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था. 24 साल बाद, लगातार घूरने और टिप्पणियों से तंग आकर जसप्रीत ने अपने ब्रेस्ट हाइपरट्रॉफी के लिए इलाज कराने का फैसला किया, जिसके कारण उनके ब्रेस्ट में सुधार हुआ है. उन्होंने बताया कि 'सर्जरी के बाद, मेरा ब्रेस्ट साइज 42H से 40B हो गया. यह एक बड़ी राहत है और मैं आखिरकार आईने में खुद को देखकर खुश थी.'
जसप्रीत अकेली नहीं हैं, ब्रेस्ट हाइपरट्रॉफी हजारों भारतीय महिलाओं को प्रभावित करती है और आज उनमें से कई इसका समाधान करने के लिए सर्जरी करवा रही हैं.
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी में हर साल 100% की बढ़ोतरी
इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के मामलों की सही संख्या की खोज करते हुए पाया गया कि ऐसी सर्जरी के लिए कोई आधिकारिक डेटा एकत्र नहीं किया जाता है. हालांकि, नई दिल्ली में डिवाइन कॉस्मेटिक सर्जरी के प्लास्टिक सर्जन डॉ अमित गुप्ता का अनुमान है कि पिछले पांच वर्षों में हर साल ऐसी सर्जरी में 100% की वृद्धि हुई है.
युवा लड़कियों की संख्या काफी ज़्यादा है
नई दिल्ली में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी करने वाले डॉ. अकांक्षा गोयल और डॉ सुधांशु पुनिया ने भी इस अनुमान का समर्थन किया. डॉ पुनिया ने कहा- 'हम हर हफ्ते कम से कम एक रिडक्शन सर्जरी करते हैं, जो प्रति माह लगभग चार से छह मामलों के बराबर है. यह संख्या बढ़ रही है, क्योंकि पहले वे प्रति माह केवल एक सर्जरी करते थे.' डॉ गुप्ता ने कहा कि इन सर्जरी में "युवा लड़कियों की संख्या काफी ज़्यादा" है., लेकिन सर्जरी की संख्या में अचानक वृद्धि क्यों हुई है? विशेषज्ञों के अनुसार, इन सर्जरी में वृद्धि के कई कारण हैं-
पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव
भारतीय पारंपरिक रूप से साड़ी और कुर्ते पहनने के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, समय के साथ, हमने पश्चिमी संस्कृति के कई पहलुओं को अपनाया है, जिसमें उनके कपड़ों की शैली भी शामिल है.
डॉ गुप्ता कहते हैं, "कपड़ों की पसंद टी-शर्ट और टाइट कपड़ों में बदल गई है, जो ब्रेस्ट को बहुत कम सपोर्ट देते हैं, जिससे भारी ब्रेस्ट वाली महिलाओं में गर्दन और कंधे में दर्द होता है."
महिलाएं अधिक स्वतंत्र हो रही हैं
डॉ गुप्ता कहते हैं कि एक दशक पहले, महिलाएं अपने माता-पिता या अपने पति पर अधिक निर्भर थीं, इसलिए "सर्जरी करवाने में हमेशा झिझक होती थी". लेकिन अब, अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं और अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने में सक्षम हैं.
जागरूकता में वृद्धि
सोशल मीडिया और इंटरनेट के ज़रिए, महिलाओं को अब ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के बारे में ज़्यादा जानकारी है. उन्हें पता है कि यह एक सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया है जो उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है.
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के फायदे
शारीरिक आराम: यह सर्जरी गर्दन, कंधे और पीठ दर्द को कम कर सकती है.
बेहतर मुद्रा: यह मुद्रा में सुधार और सांस लेने में आसानी प्रदान कर सकती है.
आत्मविश्वास में वृद्धि: यह महिलाओं के आत्मविश्वास और शरीर की छवि में सुधार कर सकती है.
कपड़ों के विकल्पों में वृद्धि: यह महिलाओं को उनके पसंदीदा कपड़े पहनने की अनुमति देती है.
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी एक बड़ा फैसला है. सर्जरी कराने से पहले, आपको एक अनुभवी प्लास्टिक सर्जन से परामर्श करना चाहिए और सभी जोखिमों और लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2024 12:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

