World Children’s Day 2019: 20 नवंबर को क्यों मनाया जाता है यूनिवर्सल चिल्ड्रेन्स डे, जानें इसका इतिहास और महत्व
विश्व बाल दिवस को यूनिवर्सल चिल्ड्रेन्स डे के रूप में भी जाना जाता है. इस दिन को यूनिसेफ और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष द्वारा प्रमोट और कोऑर्डिनेट किया जाता है, जो बच्चों के कल्याण और सुधार की दिशा में भी काम करता है.
World Children’s Day 2019: विश्व बाल दिवस (World Children's Day) को यूनिवर्सल चिल्ड्रेन्स डे (Universal Children's Day) के रूप में भी जाना जाता है. इस दिन को यूनिसेफ (UNICEF) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (the United Nations Children's Fund) द्वारा प्रमोट और कोऑर्डिनेट किया जाता है, जो बच्चों के कल्याण और सुधार की दिशा में भी काम करता है. यूनिवर्सल चिल्ड्रेन्स डे हर साल 20 नवंबर को मनाया जाता है. इसे मनाने का लक्ष्य दुनिया भर में बच्चों के अधिकारों, उनके बीच एकरूपता और जागरूकता को बढ़ावा देना है.
साल 1954 में विश्व बाल दिवस को पहली बार यूनिवर्सल चिल्ड्रेन्स डे के रूप में स्थापित किया गया था और इसे हर साल 20 नवंबर को मनाने का निर्णय लिया गया. जनरल असेंबली ने 14 दिसंबर 1954 को रिसोल्यूशन 836 (IX) पास किया और दुनिया भर के सभी संस्थाओं से यूनिवर्सल चिल्ड्रेन्स डे मनाने की सिफारिश की. इस दिन संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली ने 1959 में बच्चे के अधिकारों के डिक्लेरेशन को अपनाया और 1989 में उन्होंने कन्वेंशन ऑफ़ चिल्ड्रेन्स राइट्स को अपनाया. इसलिए 1990 के बाद से यूनिवर्सल चिल्ड्रेन्स डे उस तारीख की सालगिरह का प्रतीक है जब संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली ने बच्चों के अधिकारों पर डिक्लेरेशन और कन्वेंशन दोनों को अपनाया. बता दें कि इस साल बाल अधिकारों पर कन्वेंशन की आज 30वीं वर्षगांठ है.
कन्वेंशन ऑफ़ चिल्ड्रेन्स राइट्स 1989
यह इतिहास और दुनिया की सबसे व्यापक रूप से पुष्टि ह्यूमन राइट्स संधि है, 20 दिसंबर को कई देश साथ आए और बच्चों के अधिकारों को प्रोटेक्ट करने का वादा किया. कन्वेंशन पर यह ध्यान दिया गया है कि बच्चे कौन है? और उनके अधिकार क्या हैं और सरकार के प्रति उनकी क्या जिम्मेदारियां हैं? इसमें यह भी कहा गया है कि सभी अधिकार जुड़े हुए हैं और इन्हें बच्चों से दूर नहीं किया जा सकता है. कन्वेंशन के अनुसार बच्चे कोई ऑबजेक्ट नहीं हैं जिनके बारे में कोई भी फैसला लिया जा सके. वो भी इंसान है, उनके भी अपने अधिकार हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि 18 साल के बाद बच्चे अडल्ट हो जाते हैं. ये उनकी जिंदगी का एक खास दौर होता है जिसमें वे बढ़ते और सीखते हैं.
इसमें कोई शक नहीं है कि कन्वेंशन दुनिया का सबसे व्यापक ह्यूमन राइट्स संधि है, जिसे दुनिया भर के लोगों ने स्वीकार किया है और बच्चों की जिंदगी बदलने का काम किया है. इस कन्वेंशन ने सरकारों को कानूनों और नीतियों को बदलने और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल में निवेश करने और बच्चों को जीवित रहने और विकसित करने और आवश्यक पोषण के लिए प्रेरित किया. साथ ही बच्चों को हिंसा और शोषण से बचाना आवश्यक है. इस कन्वेंशन ने बच्चों की आवाजें सुनने और समाज में उन्हें भाग लेने में सक्षम बनाया है.
विश्व बाल दिवस का महत्व
- बच्चे भविष्य हैं और यह दिन बच्चों की शिक्षा पर जोर देता है.
- यह बच्चों के अधिकारों की गारंटी देता है.
- यह दिन जागरूकता फैलाता है कि बच्चे वास्तव में विश्व स्तर पर किन परेशानियों का सामना करते हैं? ऐसे लाखों बच्चे हैं जिनकी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा या सुविधाओं तक पहुंच नहीं है.
- क्या आप जानते हैं कि 20 वर्षों में पहली बार, यूनिसेफ की फ्लैगशीप की एक रिपोर्ट बच्चों के भोजन और पोषण के मुद्दे की जांच करती है और तेजी से विकसित होती चुनौती पर एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है.
- यूनिसेफ के वर्ल्ड चिल्ड्रेन एडिशन के 2019 संस्करण ने बच्चों के भोजन और पोषण के मुद्दे की जांच करते हैं, पिछले 20 साल की प्रगति के बावजूद 5 साल से कम उम्र के एक तिहाई बच्चे अभी भी कुपोषित, अधिक वजन के हैं और दो-तिहाई आहार की खराब गुणवत्ता के कारण कुपोषण और भूख का सामना कर रहे हैं.
यूनिवर्सल चिल्ड्रन डे पर स्कूलों, संस्थाओं और संगठन दुनिया भर में कई प्रोग्राम आयोजित करते हैं. इस दिन बच्चों को मीडिया, राजनीति और खेल में उच्च प्रोफ़ाइल भूमिकाओं को संभालने का अवसर मिलता है ताकि बच्चों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 20, 2019 10:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

