Bakra Eid 2026 Date in India: भारत में 27 या 28 मई कब मनाई जाएगी बकरीद? जानें सही डेट
सऊदी अरब में धू अल-हिज्जा का चांद दिखने के बाद वहां 27 मई 2026 को बकरीद मनाने की घोषणा की गई है. वहीं, भारत में रविवार को चांद नजर नहीं आने के कारण ईद-उल-अजहा 28 मई को मनाए जाने की संभावना है.
Bakra Eid 2026 Date in India: इस्लामिक कैलेंडर के 12वें और आखिरी महीने 'धू अल-हिज्जा' (Dhul Hijjah 1447 AH) का चांद रविवार शाम, 17 मई को सऊदी अरब में देख लिया गया है. चांद दिखने के बाद सऊदी अरब समेत संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में सोमवार, 18 मई को धू अल-हिज्जा का पहला दिन घोषित किया गया है. इसके विपरीत, भारत में रविवार शाम को धू अल-हिज्जा का चांद नजर नहीं आया. इस भौगोलिक अंतर के कारण खाड़ी देशों और भारत में बकरीद (ईद-उल-अजहा) अलग-अलग दिनों को मनाई जाएगी.
सऊदी अरब और खाड़ी देशों में 27 मई को ईद-उल-अजहा
इस्लामिक कैलेंडर के नियमों के अनुसार, चांद दिखने के बाद धू अल-हिज्जा महीने के 9वें दिन अराफात का दिन (Hajj 2026 Day of Arafat) होता है और 10वें दिन बकरीद मनाई जाती है. इस गणना के तहत मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) के देशों में 26 मई को अराफात का दिन होगा, जबकि बुधवार, 27 मई 2026 को वहां बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा. यह भी पढ़े: Ramadan 2026 Date? साल 2026 में रमजान कब शुरू होगा? जानें किस आधारों पर तय होती है रमजान की तिथियां!
सऊदी अरब के आधिकारिक हरमैन शरीफैन (Haramain) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा कर इसकी पुष्टि की है. हरमैन की पोस्ट में लिखा गया, "धू अल-हिज्जा 1447 का चांद सऊदी अरब में देख लिया गया है. मुबारक महीना आज रात से शुरू होगा और ईद-उल-अजहा बुधवार, 27 मई 2026 को मनाई जाएगी." इस पोस्ट में हज यात्रियों की सुरक्षित यात्रा और दुनिया भर के मुस्लिमों के लिए दुआ भी की गई है.
भारत में 28 मई को मनाई जा सकती है बकरीद
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के शाही इमाम के अनुसार, भारत में रविवार शाम को धू अल-हिज्जा का चांद दिखाई नहीं दिया. इस वजह से भारत में धू अल-हिज्जा का महीना एक दिन बाद शुरू होगा. नतीजतन, भारत में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार गुरुवार, 28 मई 2026 को मनाए जाने की पूरी संभावना है. इस्लामिक चंद्र कैलेंडर में चांद दिखने के आधार पर तारीखों में ऐसा एक दिन का अंतर आना बेहद सामान्य है.
धू अल-हिज्जा और अराफात के दिन का महत्व
इस्लाम धर्म में धू अल-हिज्जा को सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है. इसी महीने मक्का में वार्षिक हज यात्रा का आयोजन होता है, जो इस्लाम के पांच स्तंभों में शामिल है. हज के मुख्य अनुष्ठान इस महीने के 8वें दिन से शुरू होते हैं, जबकि 9वें दिन (26 मई) को अराफात के मैदान में मुख्य प्रार्थना होती है. जो मुस्लिम इस समय हज पर नहीं होते हैं, वे दुनिया भर में अराफात के दिन उपवास (रोजा) रखते हैं. इस महीने के शुरुआती 10 दिनों में अतिरिक्त प्रार्थना, दान और अच्छे कर्म करने का विशेष धार्मिक महत्व है.
त्याग और समर्पण का प्रतीक है ईद-उल-अजहा
बकरीद का त्योहार पैगंबर इब्राहिम के त्याग, समर्पण और अटूट भक्ति की याद में मनाया जाता है. इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग विशेष नमाज अदा करते हैं और पशुओं की 'कुर्बानी' की रस्म निभाते हैं. कुर्बानी के गोश्त को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें से एक हिस्सा परिवार, दूसरा रिश्तेदारों और तीसरा गरीबों व जरूरतमंदों में वितरित किया जाता है. त्योहार के मद्देनजर भारत के विभिन्न शहरों के बाजारों में कपड़ों, खाद्य सामग्री और मवेशी बाजारों में चहल-पहल काफी बढ़ गई है.