Shaheed Sukhdev Jayanti 2023 Greetings: शहीद सुखदेव जयंती पर ये HD Wallpapers और GIF Images भेजकर करें उन्हें याद
भगत सिंह और राजगुरु के साथ फांसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी सुखदेव थापर का जन्म 15 मई 1907 को हुआ था. सुखदेव का जन्म पंजाब के लुधियाना में रामलाल और रल्ली देवी थापर के घर हुआ था. उन्होंने कम उम्र से ही उद्दंड भावना दिखाई...
भगत सिंह और राजगुरु के साथ फांसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी सुखदेव थापर का जन्म 15 मई 1907 को हुआ था. सुखदेव का जन्म पंजाब के लुधियाना में रामलाल और रल्ली देवी थापर के घर हुआ था. उन्होंने कम उम्र से ही उद्दंड भावना दिखाई. अपने स्कूल के दिनों में, वह अपने स्कूल में आने वाले ब्रिटिश अधिकारियों को सैल्यूट करने से मना कर देते थे. कम उम्र में अपने पिता को खो देने के बाद, सुखदेव को उनके चाचा ने पाला था. यह उनके चाचा की गिरफ्तारी थी जिसने उन्हें औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए प्रेरित किया.
सुखदेव नौजवान भारत सेवा में शामिल हो गए, जिसे 1926 में भगत सिंह ने शुरू किया था. दोनों करीबी दोस्त और सहयोगी बन गए.
उन्होंने पंजाब क्षेत्र में देश के युवाओं के बीच राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देने के लिए कई गतिविधियों में भाग लिया. वह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के सक्रिय सदस्य भी थे. एचएसआरए एक कट्टरपंथी संगठन था, जो ब्रिटिश सरकार के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था. कॉलेज में रहते हुए सुखदेव ने विश्व की विभिन्न क्रांतियों, विशेषकर रूसी क्रांति का अध्ययन किया. हर साल sukhdev की जयंती के दिन लोग उन्हें यद् करते हैं और अपना सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं. शहीद दिवस पर Quotes, WhatsApp, Facebook Stickers के जरिए भेजकर सुखदेव का नमन कर सकते हैं.
1. शहीद सुखदेव जी की जयंती पर शत- शत नमन
2. शहीद सुखदेव जी की जयंती पर विनम्र अभिवादन
3. शहीद सुखदेव जी की जयंती पर बधाई
4. शहीद सुखदेव जयंती 2023
5. शहीद सुखदेव जयंती की हार्दिक बधाई
1928 में साइमन कमीशन विरोधी एक रैली में, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लाला लाजपत राय को जेम्स ए स्कॉट नाम के एक ब्रिटिश पुलिस अधिकारी ने बेरहमी से लाठी से पीटा था. लाजपत राय की कुछ दिनों बाद चोटों के कारण मृत्यु हो गई. सुखदेव सहित युवा क्रांतिकारियों ने लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने का निश्चय किया. भगत सिंह के जीवनी लेखक के अनुसार, यह सुखदेव ही थे जिन्होंने स्कॉट की हत्या के लिए भगत सिंह को चुना था.