Lokmanya Bal Gangadhar Tilak Jayanti 2025 Quotes in Hindi: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लोकप्रिय नेताओं में शुमार बाल गंगाधर तिलक जी की जयंती (Bal Gangadhar Tilak Jayanti) हर साल 23 जुलाई को मनाई जाती है. 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा' का नारा बुलंद करने वाले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक (Lokmanya Bal Gangadhar Tilak) का नाम भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों में बड़े ही आदर व सम्मान से लिया जाता है. उन्होंने ही सबसे पहले ब्रिटिश राज के दौरान पूर्ण स्वराज की मांग उठाई थी और देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करवाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनका जन्म 23 जुलाई 1856 को महाराष्ट्र (Maharashtra) के रत्नागिरी (Ratnagiri) के चिक्कन गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम गंगाधर रामचंद्र तिलक था, जो एक धर्मनिष्ठ ब्राह्मण थे.
बाल गंगाधर तिलक बचपन से ही काफी परश्रमी थे और उनकी गिनती स्कूल के मेधावी छात्रों में होती थी. उन्होंने सन 1879 में बीए तथा कानून की परीक्षा उत्तीर्ण की. उन्होंने सन 1880 में न्यू इंग्लिश स्कूल और कुछ साल बाद फर्ग्युसन कॉलेज की स्थापना की. बाल गंगाधर तिलक जयंती के इस खास अवसर पर आप उनके इन 10 महान विचारों को अपनों संग शेयर कर उनके महत्वूर्ण योगदानों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं.










लोकमान्य तिलक ने जनजागृति कार्यक्रम को पूरा करने के लिए महाराष्ट्र में गणेशोत्सव और शिवाजी उत्सव सप्ताह भर मनाना प्रारंभ किया. इन त्योहारों के जरिए उन्होंने जनता में देशप्रेम और अंग्रेजों के अन्यायों के खिलाफ संघर्ष के लिए साहस भरने का प्रयास किया. सच्चे जननायक तिलक को लोगों ने आदर से लोकमान्य की पदवी दी थी. उन्होंने मराठी में 'मराठा दर्पण' और 'केसरी' नाम से दो दैनिक समाचार पत्र शुरु किए, जो जनता में काफी लोकप्रिय हुए. इन समाचार पत्रो में उन्होंने अंग्रेजी शासन की क्रूरता और भारतीय संस्कृति के प्रति हीन भावना की बहुत आलोचना की. हिंदुस्तान के प्रमुख नेता, समाज सुधारक और महान स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक का निधन 1 अगस्त 1920 को मुंबई में हुआ था.













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