Kojagiri Purnima 2025 Wishes: कोजागरी पूर्णिमा के इन शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
कोजागरी पूर्णिमा को लेकर कहा जाता है कि यह साल की वो पावन रात्रि होती है, जब चांद की चांदनी धरती पर अमृत के समान होती है और चांद धरती से बेहद करीब होता है. इस रात मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करते हुए भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करती हैं, इसलिए इस रात उनकी पूजा की जाती है. ऐसे में इस बेहद खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए कोजागरी पूर्णिमा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Kojagiri Purnima 2025 Wishes In Hindi: इस साल 06 अक्टूबर 2025 को कोजागरी पूर्णिमा (Kojagiri Purnima) का त्योहार मनाया जा रहा है, जिसका हिंदू धर्म में काफी महत्व बताया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल अश्विन मास की पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है, जिसे शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) रास पूर्णिमा (Raas Purnima), अमृत पूर्णिमा (Amrit Purnima), आरोग्य पूर्णिमा (Arogya Purnima), कौमुदि पूर्णिमा (Kaumudi Purnima) जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है. कोजागरी पूर्णिमा से जुड़ी प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों से धरती पर अमृत की वर्षा होती है. मान्यता है कि इस रात मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घर जाती हैं, इसलिए कहा जाता है कि इस रात रात्रि जागरण करके माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने वालों पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. इस रात भगवान श्रीकृष्ण ने राधारानी और गोपियों के साथ महारास रचाया था, इसलिए इस पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया जाता है.
कोजागरी पूर्णिमा को लेकर कहा जाता है कि यह साल की वो पावन रात्रि होती है, जब चांद की चांदनी धरती पर अमृत के समान होती है और चांद धरती से बेहद करीब होता है. इस रात मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करते हुए भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करती हैं, इसलिए इस रात उनकी पूजा की जाती है. ऐसे में इस बेहद खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए कोजागरी पूर्णिमा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि साल की भर की सभी पूर्णिमा तिथियों में शरद पूर्णिमा को सबसे खास माना जाता है. कोजागरी पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की उपासना के अलावा भगवान शिव, हनुमान जी और चंद्रदेव की विशेष पूजा की जाती है. इसके साथ ही चंद्रमा को अर्घ्य देते हुए खीर का भोग लगाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों से अमृत की वर्षा होती है, जिसे आरोग्यदायक और सौंदर्यदायक माना जाता है. इस रात खीर बनाकर चंद्रमा की चांदनी में रखा जाता है, जिसके सेवन से उत्तम आरोग्य की प्राप्ति होती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 05, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

