Kartik Purnima 2021 HD Images: शुभ कार्तिक पूर्णमा! इन आकर्षक WhatsApp Stickers, Photo Messages, GIF Greetings, Wallpapers के जरिए दें बधाई
कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा, त्रिपुरी पूर्णिमा और देव दिवाली जैसे नामों से जाना जाता है. कार्तिक अमावस्या की तरह ही कार्तिक पूर्णिमा का हिंदू धर्म में खास महत्व है, इसलिए इस दिन शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान भी किया जाता है. आप भी इस खास मौके पर इन आकर्षक एचडी इमेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, फोटो मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स के जरिए शुभ कार्तिक पूर्णिमा कह सकते हैं.
Kartik Purnima 2021 HD Images: आज (19 नवंबर 2021) देश में कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. कार्तिक पूर्णिमा से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान शिव (Lord Shiva) ने त्रिपुरारी का अवतार लेकर त्रिपुरासुर नामक असुर भाइयों की तिकड़ी का संहार किया था, इसलिए इसे त्रपुरी पूर्णिमा (Tripuri Purnima) और त्रिपुरारी पूर्णिमा (Tripurari Purnima) भी कहा जाता है. त्रिपुरासुर का वध होने की खुशी में समस्त देवताओं ने इस दिन भगवान शिव की नगरी काशी में देव दिवाली (Dev Diwali) मनाई थी, इसलिए यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. इसके अलावा कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा की संध्या को भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था, इसलिए इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इसके साथ ही दान और दीपदान किया जाता है.
कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा, त्रिपुरी पूर्णिमा और देव दिवाली जैसे नामों से जाना जाता है. कार्तिक अमावस्या की तरह ही कार्तिक पूर्णिमा का हिंदू धर्म में खास महत्व है, इसलिए इस दिन शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान भी किया जाता है. आप भी इस खास मौके पर इन आकर्षक एचडी इमेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, फोटो मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स के जरिए शुभ कार्तिक पूर्णिमा कह सकते हैं.
1- कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं

2- शुभ कार्तिक पूर्णिमा

3- कार्तिक पूर्णिमा 2021

यह भी पढ़ें: Dev Deepawali 2021: कब और क्यों मनाते हैं देव दीवाली? जानें इस दिन क्या-क्या कार्य करना जरूरी है!
4- हैप्पी कार्तिक पूर्णिमा

5- कार्तिक पूर्णिमा की हार्दिक बधाई

मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पतित पावनी गंगा या फिर किसी अन्य पवित्र नदी और सरोवर में स्नान करना चाहिए. स्नान के बाद जरूरतमंदों को दान देना चाहिए और फिर दीपदान करना चाहिए. ऐसा करने से कई गुना अधिक पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. कहा जाता है कि अगर आप अपनी राशि के अनुसार दान करते हैं तो इससे कुंडली के कमजोर ग्रह मजबूत होते हैं. ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि में महादेव की नगरी काशी में देव दीपावली का पर्व मनाने के लिए सभी देवता स्वर्ग से धरती पर आते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 19, 2021 08:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

