Hanuman Jayanti 2025 Sanskrit Wishes: हनुमान जयन्त्यां शुभं भवतु! प्रियजनों को इन Shlokas, Mantras, WhatsApp Messages, GIF Greetings के जरिए संस्कृत में दें बधाई
हनुमान जयंती पर देशभर के तमाम हनुमान मंदिरों में रामभक्त हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. पवनपुत्र हनुमान की विधिवत पूजा करने के साथ ही लोग हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंगबाण का पाठ और उनके मंत्रों का जप करते हैं. इसके साथ ही आप इस शुभ अवसर पर संस्कृत के इन विशेज, श्लोक, मंत्र, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए प्रिजयनों को हनुमान जयन्त्यां शुभं भवतु! कहकर बधाई दे सकते हैं.
Hanuman Jayanti 2025 Sanskrit Wishes: हनुमान जी के भक्तों के लिए हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का पर्व काफी महत्व रखता है, यहां खास बात तो यह है कि हनुमान जी (Hanuman Ji) का जन्मदिन साल में दो बार मनाया जाता है. वाल्मीकि रामायण के अनुसार, पहली बार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन हनुमान जी का जन्मदिन मनाया जाता है, जिसे हनुमान जन्मोत्सव कहा जाता है. वहीं दूसरी बार चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्मदिवस मनाया जाता है, जिसे हनुमान जयंती कहा जाता है. इस साल चैत्र मास की हनुमान जयंती 12 अप्रैल 2025 को मनाई जा रही है. दक्षिण भारत के मत के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा पर हनुमान जी को नया जन्म मिला था, इसलिए फिर से जीवन प्राप्ति के साथ अद्भुत शक्तियां पाने के उपलक्ष्य में इस दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है, जबकि उत्तर भारत के मतानुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि पर हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है.
हनुमान जयंती पर देशभर के तमाम हनुमान मंदिरों में रामभक्त हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. पवनपुत्र हनुमान की विधिवत पूजा करने के साथ ही लोग हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंगबाण का पाठ और उनके मंत्रों का जप करते हैं. इसके साथ ही आप इस शुभ अवसर पर संस्कृत के इन विशेज, श्लोक, मंत्र, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए प्रिजयनों को हनुमान जयन्त्यां शुभं भवतु! कहकर बधाई दे सकते हैं.





गौरतलब है कि साल में दो बार हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है, एक उनके जन्मदिन के रूप में और दूसरी विजय अभिनंदन महोत्सव के रूप में. प्रचलित पौराणिक कथा के अनुसार, हनुमान जी जन्म से ही काफी शक्तिशाली थे और उन्होंने एक बार तो फल समझकर सूर्य को ही खाने का प्रयास कर दिया था, लेकिन जब इंद्र देव ने उन्हें रोकने के लिए प्रहार किया तो वे मूर्छित हो गए. इसके बाद देवताओं के प्रार्थना करने पर ब्रह्मा जी ने हनुमान जी को दूसरा जीवन दिया. इसके साथ ही देवताओं ने उन्हें अपनी शक्तियां भी दीं. जिस दिन हनुमान जी को दूसरा जीवन मिला, उस दिन चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि थी, इसलिए इस दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 11, 2025 10:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

