Earth Day 2025 Wishes: पृथ्वी दिवस के इन प्रभावी हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings को भेजकर दें अपनों को शुभकामनाएं
साल 2000 में इंटरनेट ने पृथ्वी दिवस मनाने के लिए पूरी दुनिया के कार्यकर्ताओं को जोड़ने में मदद की. इसके बाद साल 2016 मे पेरिस समझौते पर दुनिया के 175 देशों ने हस्ताक्षर कर इस दिन के महत्व को रेखांकित किया था. विश्व पृथ्वी दिवस के इस खास अवसर पर आप भी इन प्रभावी हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को इसकी शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Earth Day 2025 Wishes in Hindi: पर्यावरण (Environment) और ग्लोबल वॉर्मिंग (Global Warming) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ इसकी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने को लेकर लोगों को जागरुक करने के मकसद से हर साल 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस यानी वर्ल्ड अर्थ डे (World Earth Day) मनाया जाता है. हर साल की तरह इस साल भी 22 अप्रैल 2025 को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जा रहा है. बता दें कि पहली बार सन 1969 में पीस एक्टिविस्ट जॉन मैककोनेल ने यूनेस्को सम्मेलन में इस दिवस को मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद पृथ्वी दिवस मनाने के लिए 22 अप्रैल के दिन को चुना गया. इस प्रस्ताव को रखे जाने के एक साल बाद यानी 22 अप्रैल 1970 को अमेरिका में पहली बार इस दिवस को मनाया गया था और तब से यह सिलसिला बरकरार है.
साल 2000 में इंटरनेट ने पृथ्वी दिवस मनाने के लिए पूरी दुनिया के कार्यकर्ताओं को जोड़ने में मदद की. इसके बाद साल 2016 मे पेरिस समझौते पर दुनिया के 175 देशों ने हस्ताक्षर कर इस दिन के महत्व को रेखांकित किया था. विश्व पृथ्वी दिवस के इस खास अवसर पर आप भी इन प्रभावी हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को इसकी शुभकामनाएं दे सकते हैं.
गौरतलब है कि 1960 के दशक में पर्यावरण के मुद्दे को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ रही थी, क्योंकि उस दौरान विश्वविद्यालयों में छात्र आंदोलन हो रहे थे और आंदोलन के जरिए वो प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे. बता दें कि इस दिवस को हर साल एक नई थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. इस दिन लोग धरती को बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हैं. स्कूलों और विभिन्न संगठनों द्वारा इस अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इसके साथ ही पृथ्वी को बचाने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया जाता है.