Chitragupta Puja 2025 Wishes: हैप्पी चित्रगुप्त पूजा! इन हिंदी WhatsApp Status, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers के जरिए दें बधाई
भगवान चित्रगुप्त को मृतकों का रजिस्ट्रार कहा जाता है, चित्रगुप्त भगवान ब्रह्मा की काया से उत्पन्न हुए थे, इसलिए उन्हें कायस्थ कहा जाता है. यमराज को कर्मों का फैसला करने में कठिनाई होती थी, इसलिए ब्रह्मा जी ने चित्रगुप्त को कलम, स्याही और किताबें देकर मानव कर्मों का रिकॉर्ड रखने का दायित्व सौंपा. इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए चित्रगुप्त पूजा की बधाई दे सकते हैं.
Chitragupta Puja 2025 Wishes in Hindi: हिंदू धर्म में पांच दिवसीय दिवाली उत्सव (Diwali) के आखिरी दिन जहां भाई दूज (Bhai Dooj) का त्योहार मनाया जाता है तो वहीं दूसरी तरफ इसी दिन चित्रगुप्त पूजा (Chitragupta Puja) का पर्व भी मनाया जाता है, जिसका काफी महत्व बताया जाता है. इस पर्व को मुख्य रूप से कायस्थ समुदाय द्वारा मनाया जाता है, जो मृत्यु के देवता यमराज के सहायक और मानव कर्मों के लेखाकार भगवान चित्रगुप्त को समर्पित है. भगवान चित्रगुप्त हर व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब रखते हैं और मृत्यु के बाद आत्मा की नियति तय करने में मदद करते हैं. यह पूजा नैतिकता, ज्ञान, बुद्धि और न्याय का प्रतीक है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को चित्रगुप्त पूजा का पर्व मनाया जाता है और इस साल यह तिथि 23 अक्टूबर 2025 को पड़ रही है.
भगवान चित्रगुप्त को मृतकों का रजिस्ट्रार कहा जाता है, चित्रगुप्त भगवान ब्रह्मा की काया से उत्पन्न हुए थे, इसलिए उन्हें कायस्थ कहा जाता है. यमराज को कर्मों का फैसला करने में कठिनाई होती थी, इसलिए ब्रह्मा जी ने चित्रगुप्त को कलम, स्याही और किताबें देकर मानव कर्मों का रिकॉर्ड रखने का दायित्व सौंपा. इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए चित्रगुप्त पूजा की बधाई दे सकते हैं.





चित्रगुप्त पूजा का मुख्य महत्व नैतिक जीवन, ज्ञान और बुद्धि से जुड़ा है. यह पूजा हमें याद दिलाती है कि हमारे हर कर्म का हिसाब रखा जाता है, इसलिए सत्य, ईमानदारी और दायित्व निभाना जरूरी है. यह पूजा दीपावली के बाद मनाई जाती है और भाई दूज या यम द्वितीया के साथ जुड़ी है. आधुनिक संदर्भ में यह डिजिटल ईमानदारी और कार्यस्थल नैतिकता को भी प्रोत्साहित करती है.
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होने के बाद भगवान चित्रगुप्त की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए. इस दिन झूठ बोलने और कठोर शब्द कहने से बचना चाहिए, साथ ही तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए और बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 22, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

