Akshaya Tritiya 2025 HD Images: शुभ अक्षय तृतीया! इन मनमोहक WhatsApp Stickers, GIF Greetings, Wallpapers, Photo Wishes के जरिए दें बधाई
अक्षय तृतीया के दिन को नौकरी, व्यवसाय की शुरुआत करने, शादी-ब्याह, गृह प्रवेश और गहनों की खरीदारी के लिए बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन गहने खरीदने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और माता लक्ष्मी घर में स्थायी रुप से निवास करती हैं. इस अवसर पर आप इन मनमोहक एचडी इमेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स, फोटो विशेज के जरिए अक्षय तृतीया की बधाई दे सकते हैं.
Akshaya Tritiya 2025 HD Images: अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) की पावन तिथि को साल का एक ऐसा स्वयंसिद्ध और अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जब किसी भी नए और मांगलिक काम की शुरुआत करने के लिए शुभ मुहूर्त या पंचांग को देखने की जरूरत नहीं पड़ती है. प्रचिलत मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने पर उसमें सफलता जरूर मिलती है. इस साल 30 अप्रैल 2025 को अक्षय तृतीया मनाई जा रही है, जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को यह पर्व मनाया जाता है. यह साल की एक ऐसी तिथि है, जिसका कोई क्षय नहीं है. इस शुभ तिथि की अधिष्ठात्री मां पार्वती को माना जाता है और कहा जाता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान, दान-पुण्य और जप-तप जैसे शुभ कार्यों को करने से कभी न समाप्त होने वाले अक्षय पुण्य फलों की प्राप्ति होती है.
अक्षय तृतीया के दिन को नौकरी, व्यवसाय की शुरुआत करने, शादी-ब्याह, गृह प्रवेश और गहनों की खरीदारी के लिए बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन गहने खरीदने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और माता लक्ष्मी घर में स्थायी रुप से निवास करती हैं. इस अवसर पर आप इन मनमोहक एचडी इमेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स, फोटो विशेज के जरिए अक्षय तृतीया की बधाई दे सकते हैं.
ऐसी मान्यता है कि इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी. इस दिन भगवान विष्णु ने नर-नारायण का अवतार लिया था और इसी पावन तिथि पर भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी की जयंती मनाई जाती है. यह भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान गणेश ने महाभारत लिखना शुरु किया था और इसी दिन बदरीनाथ के कपाट खुलते हैं. अक्षय तृतीया के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान परशुराम की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इसके साथ ही सदियों से इस तिथि पर सोने के आभूषणों की खरीदारी की परंपरा चली आ रही है.