Dev Uthani Ekadashi 2018: आज है सबसे बड़ी और फलदायी एकादशी, भूलकर भी न करें ये काम
भारत में हर साल कुल 24 एकादशियां आती हैं, जिनमें से कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देव उठनी ग्यारस या देव प्रबोधिनी एकादशी का खास महत्व होता है. हिंदू मान्यताओं के मुताबिक देव उठनी एकादशी सबसे बड़ी और फलदायी करने वाली एकादशी मानी जाती है.
Dev Uthani Ekadashi 2018: भारत में हर साल कुल 24 एकादशियां आती हैं, जिनमें से कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देव उठनी ग्यारस या देव प्रबोधिनी एकादशी का खास महत्व होता है. हिंदू मान्यताओं के मुताबिक देव उठनी एकादशी सबसे बड़ी और फलदायी करने वाली एकादशी मानी जाती है. इस बार देव उठनी एकादशी 19 नवंबर, सोमवार के दिन पड़ रही है. इस एकादशी को लेकर ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर में 4 महीने तक शयन करने के बाद निद्रा से जागते हैं. इस दिन भगवान विष्णु के निद्रा से जागने के बाद सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है.
मान्यताओं के अनुसार, साल की सभी 24 एकादशियों में देव उठनी एकादशी का व्रत करने से भक्तों के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होती है, लेकिन इस एकादशी के दिन कई नियमों का पालन करना भी आवश्यक माना जाता है, नहीं तो इससे व्यक्ति को नुकसान होता है और वह पाप का भागीदार बन सकता है. चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ कार्य, जिन्हें भूलकर भी एकादशी के दिन नहीं करना चाहिए.
देव उठनी एकादशी के दिन न करें ये काम-
1- न करें चावल का सेवन
हिंदू धर्म की प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, साल भर में पड़ने वाली सभी एकादशियों के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. कहा जाता है कि इस दिन चावल खाने से व्यक्ति अगले जन्म में रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेता है, इसलिए इस दिन चावल का सेवन वर्जित माना जाता है. यह भी पढ़ें: Dev Uthani Ekadashi 2018: देव उठनी एकदशी के दिन जाग जाएंगे भगवान विष्णु, जानें कब है तुलसी विवाह
2- काम-वासना से रहें दूर
एकादशी के दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए, इसलिए अपने मन में किसी भी तरह की काम-वासना की भावना को जागने न दें और शारीरिक संबंध बनाने से परहेज करें.
3- शराब व मांस का सेवन न करें
एकादशी के दिन मांस का सेवन नहीं करना चाहिए, इसके साथ ही शराब पीने से परहेज करना चाहिए. कहा जाता है कि मांस और मदिरा का सेवन व्यक्ति को अहंकार की ओर ले जाता है. एकादशी के दिन अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बन सकता है, इसलिए इससे बचें.
4- दिन में सोना है वर्जित
एकादशी का दिन भगवान विष्णु की आराधना का दिन होता है, एकादशी को दिन और रात में सोना वर्जित माना जाता है, इसलिए इस दिन सुबह जल्दी उठें और भगवान की आराधना करें. इसके अलावा इस दिन क्रोध करने से बचना चाहिए. यह भी पढ़ें: Tulsi Vivah 2018: खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए इस दिन जरूर करें तुलसी विवाह, जानें पूजन विधि और शुभ मुहूर्त
5- झूठ नहीं बोलना चाहिए
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु जी की आराधना और उनके प्रति समर्पण की भावना को दर्शाता है, इसलिए इस दिन व्यक्ति को सच बोलना चाहिए और झूठ बोलने से बचना चाहिए. इसके अलावा इस दिन किसी की चुगली नहीं करनी चाहिए. इसके अलावा चोरी, क्रोध और झूठ बोलने से बचना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2018 01:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

