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COVID-19 Vaccines: कोविड-19 टीकों की कम बर्बादी होने से अधिक से अधिक लोगों को टीका लग पाएगा : सरकार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीका एक आवश्यक जन स्वास्थ्य वस्तु है जिसकी दुनिया भर में कमी है और इसलिए इसकी बर्बादी कम से कम होनी चाहिए जिससे कई लोगों को टीका लगाने में मदद मिलेगी.

COVID-19 Vaccines: कोविड-19 टीकों की कम बर्बादी होने से अधिक से अधिक लोगों को टीका लग पाएगा : सरकार
कोरोना वैक्सीन (Photo credits: PTI)

नयी दिल्ली, 11 जून : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीका एक आवश्यक जन स्वास्थ्य वस्तु है जिसकी दुनिया भर में कमी है और इसलिए इसकी बर्बादी कम से कम होनी चाहिए जिससे कई लोगों को टीका लगाने में मदद मिलेगी. मीडिया की कुछ खबरों में कहा गया है कि टीके की बरबादी को एक प्रतिशत से कम रखने पर मंत्रालय द्वारा दिया जा रहा जोर अनुपयुक्त हैं. इन खबरों का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा कि कई राज्यों ने टीकाकरण अभियान (Vaccination Campaign) इस तरीके से चलाया है कि न कोई बरबादी हो बल्कि वे शीशी से अतिरिक्त खुराक निकाल सकें. मंत्रालय ने कहा, ‘‘अत: यह उम्मीद करना कि टीके की बरबादी एक प्रतिशत या इससे भी कम हो, यह अनुचित नहीं है. यह उचित, वांछनीय और पूरा करने योग्य है.’’

उसने यह भी कहा कि कोविड-19 (COVID-19) रोधी टीका लगवाना लोगों को इस संक्रमण से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है. कोविड-19 महामारी को खत्म करने में सुरक्षा और प्रभावी टीकों को समान रूप से उपलब्ध कराना अहम है. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘‘टीके बनाने में काफी वक्त लगता है और कई बार इन टीकों के लिए मांग आपूर्ति से कहीं अधिक होती है. अत: यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि महामारी से निपटने में इस कीमती हथियार का इस्तेमाल बेहतर और उचित तरीके से किया जाए. कोविड-19 रोधी टीका एक आवश्यक जन स्वास्थ्य वस्तु है जिसकी दुनिया भर में कमी है. अत: टीकों की बरबादी कम से कम होनी चाहिए जिससे कई लोगों को टीका लगाने में मदद मिलेगी.’’ उसने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी समय-समय पर टीकों की कम से कम बर्बादी पर जोर दिया है ताकि अधिक से अधिक लोग टीकों की खुराक ले सके. बयान में कहा गया है, ‘‘टीकों की बरबादी में कमी का मतलब है कि अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाना और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना. एक टीका बचाने का मतलब है कि एक और व्यक्ति को टीका लगाना.’’ यह भी पढ़ें : Coronavirus in Odisha: ओडिशा में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,235 नए मामले, 43 और मरीजों की मौत

कोविड-19 रोधी टीकों के लिए अभी इस्तेमाल की जा रही नीति में शीशी को एक बार खोलने के बाद उसे एक निर्धारित समयसीमा के भीतर इस्तेमाल किया जाना होता है. बयान में कहा गया है कि टीका लगाने वाले व्यक्ति को प्रत्येक शीशी खोलने की तारीख और समय लिखने की सलाह दी जाती है और खोली जा चुकी सभी शीशियों को उसे खोलने के चार घंटों के भीतर इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है. मंत्रालय ने कहा कि सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को टीकाकरण के प्रत्येक सत्र में कम से कम 100 लोगों को टीका लगाने की सलाह दी जाती है. हालांकि दूरवर्ती तथा कम आबादी वाले इलाकों में राज्य कम लोगों के लिए भी टीकाकरण आयोजित कर सकता है लेकिन उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टीकों की कोई बर्बादी न हो.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 11, 2021 04:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).