Independence Day 2025: पाकिस्तान 14 अगस्त को और भारत 15 अगस्त को क्यों मनाते हैं स्वतंत्रता दिवस?

भारत और पाकिस्तान 1947 में एक ही समय पर आज़ाद हुए थे, लेकिन टाइम ज़ोन और लॉर्ड माउंटबेटन के कार्यक्रम के कारण पाकिस्तान 14 अगस्त को और भारत 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है. शुरू में पाकिस्तान भी 15 अगस्त लिखता था, पर 1948 से उसने 14 अगस्त को आधिकारिक तौर पर अपना दिन बना लिया. यह कहानी समय और राजनीति के खेल की दिलचस्प मिसाल है.

(Photo : X)

 Independence Day 2025: हम सभी जानते हैं कि भारत हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है. लेकिन पाकिस्तान एक दिन पहले, यानी 14 अगस्त को अपना आज़ादी का दिन मनाता है. क्या वाकई पाकिस्तान भारत से एक दिन पहले आज़ाद हुआ था? इसका जवाब है – नहीं. असल में इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी और समय का खेल छिपा है.


1947 की आज़ादी – एक साथ लेकिन तारीख़ अलग

ब्रिटिश हुकूमत ने तय किया था कि भारत और पाकिस्तान, दोनों को एक ही समय पर आज़ादी दी जाएगी. उस समय के वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन को दोनों देशों में सत्ता का हस्तांतरण करना था.


टाइम ज़ोन का फ़र्क

आज के समय की तरह उस समय भी पाकिस्तान का समय भारत से 30 मिनट पीछे था. यानी जब दिल्ली में 15 अगस्त की आधी रात हो रही थी, तब कराची में घड़ी 14 अगस्त की रात 11:30 बजा रही थी. इस वजह से पाकिस्तान में सत्ता हस्तांतरण का कार्यक्रम 14 अगस्त को ही पड़ा.


भारत ने आधी रात का वक्त क्यों चुना?

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उनके साथियों ने आज़ादी का जश्न आधी रात को मनाने का फैसला किया. उसी वक्त संसद में नेहरू ने मशहूर भाषण "Tryst with Destiny" दिया.


पाकिस्तान ने तारीख़ क्यों बदल दी?

शुरुआत में पाकिस्तान के दस्तावेज़ों में भी स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त लिखा जाता था. लेकिन 1948 से पाकिस्तान ने इसे आधिकारिक तौर पर 14 अगस्त घोषित कर दिया, ताकि उनका दिन भारत से अलग दिखे.


भारत और पाकिस्तान दोनों एक ही समय पर आज़ाद हुए, लेकिन टाइम ज़ोन, माउंटबेटन का शेड्यूल और बाद की राजनीतिक पहचान के कारण पाकिस्तान अब 14 अगस्त को और भारत 15 अगस्त को आज़ादी का दिन मनाते हैं.

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