भारतीय डाक विभाग की Advanced Postal Technology क्या है, यह कैसे लोगों के लिए होगा फायदेमंद? एक क्लिक में जानें सबकुछ

भारतीय डाक ने देश भर में अपने डिजिटल और तकनीकी बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के लिए 5,800 करोड़ रुपये की एक बड़ी पहल की है. इस पहल को उन्नत डाक प्रौद्योगिकी (APT) नाम दिया गया है, जिसे IT 2.0 परियोजना के तहत लागू किया गया है.

What Is India Post IT 2.0 Advanced Postal Technology: भारतीय डाक ने देश भर में अपने डिजिटल और तकनीकी बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के लिए 5,800 करोड़ रुपये की एक बड़ी पहल की है. इस पहल को उन्नत डाक प्रौद्योगिकी (APT) नाम दिया गया है, जिसे IT 2.0 परियोजना के तहत लागू किया गया है. इस योजना का उद्देश्य भारतीय डाक को एक आधुनिक और विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स और सार्वजनिक सेवा संगठन में बदलना है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे एक "ऐतिहासिक छलांग" करार दिया. उन्होंने कहा कि अब भारतीय डाक मोबाइल-अनुकूल और नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करेगा और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देगा.

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डिजिटल लेनदेन में सक्षम होगा भारतीय डाक

भारतीय डाक अब APT प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरी तरह से डिजिटल लेनदेन को सक्षम करेगा. इस प्रणाली में UPI भुगतान अब केवल भारतीय डाक भुगतान बैंक ही नहीं, बल्कि किसी भी बैंक के ग्राहक कर सकते हैं. इसके अलावा, रीयल-टाइम निर्णय लेने, उन्नत स्वचालन और परिचालन लागत को कम करने जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं. इससे ग्राहकों को तेज और आसान सेवा मिलेगी.

उन्नत डाक प्रौद्योगिकी (APT) क्या है?

APT भारत में डाक प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (CEPT) द्वारा विकसित एक माइक्रोसर्विस-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है. यह प्लेटफॉर्म मेघराज 2.0 क्लाउड पर होस्ट किया गया है और बीएसएनएल कनेक्टिविटी के माध्यम से चलता है. यह आईटी आधुनिकीकरण परियोजना 1.0 का अगला संस्करण है और अब तक इसका सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है, जिसमें एक ही दिन में 32 लाख बुकिंग और 37 लाख डिलीवरी हुई हैं.

कर्नाटक में पायलट प्रोजेक्ट के बाद, APT अब देश भर के 23 डाक सर्किलों में लागू है, जिसमें 1.70 लाख से अधिक डाकघर और इकाइयां शामिल हैं. इसके लिए, 4.6 लाख कर्मचारियों को “प्रशिक्षण – पुनः प्रशिक्षण – नवीनीकरण” मॉडल के तहत प्रशिक्षित किया गया ताकि वे नई तकनीक के अनुसार सेवाएँ प्रदान कर सकें.

मुख्य विशेषताएं

इस डिजिटल अपग्रेड के माध्यम से, इंडिया पोस्ट ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल खाई को पाटने, वित्तीय समावेशन को मज़बूत करने और एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता बनने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ रहा है.

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