Bengal 2nd phase polls: दूसरे चरण के लिए चुनाव आयोग ने नियुक्त किए 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षक, डायमंड हार्बर के 5 बड़े अधिकारी निलंबित

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है. आयोग ने 11 नए पुलिस पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.

भारत निर्वाचन आयोग (Photo Credits: IANS)

कोलकाता, 25 अप्रैल: भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) यानी ईसीआई (ECI) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के दूसरे चरण के लिए सुरक्षा चाक-चौबंद करने के बड़े फैसले लिए हैं. आयोग ने 29 अप्रैल को होने वाले 142 निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान (Voting) के लिए 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की है. इसके साथ ही, दक्षिण 24 परगना (South 24 Parganas) के डायमंड हार्बर पुलिस (Diamond Harbour Police) जिले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया गया है. यह भी पढ़ें: West Bengal Assembly Elections 2026: पहले चरण में भारी मतदान, दोपहर 1 बजे तक 62.18% वोटिंग; हिंसा और हीटस्ट्रोक की खबरें

सुरक्षा व्यवस्था को 'वाटरटाइट' बनाने की तैयारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के अनुसार, ये सभी 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षक अन्य राज्यों से बुलाए गए हैं. इनका मुख्य उद्देश्य दूसरे चरण के दौरान सुरक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाना है. पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) के दौरान कड़ी सुरक्षा के बावजूद हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाएं सामने आई थीं. आयोग का लक्ष्य है कि दूसरे चरण में तनाव या हिंसा की ऐसी मामूली घटनाओं की भी गुंजाइश न रहे.

इन नई नियुक्तियों के साथ, राज्य में तैनात पुलिस पर्यवेक्षकों की कुल संख्या अब 95 हो गई है. आयोग ने पहले ही संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली है और वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

डायमंड हार्बर में बड़ी कार्रवाई: 5 अधिकारी सस्पेंड

चुनाव आयोग ने अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है.. निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं:

आयोग ने डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक (SP) ईशानी पाल को भी कड़ी चेतावनी जारी की है. उन्हें अपने अधीनस्थ अधिकारियों के आचरण और कामकाज की ठीक से निगरानी करने में विफल रहने का दोषी माना गया है. यह भी पढ़ें: West Bengal Elections 2026: पहले 4 घंटों में 41.11% मतदान, चुनाव आयोग को मिलीं हिंसा और अनियमितताओं की 635 शिकायतें

पृष्ठभूमि और चुनावी परिदृश्य

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. पहले चरण में भारी मतदान दर्ज किया गया था, लेकिन कई स्थानों पर राजनीतिक हिंसा और झड़पें देखने को मिली थीं. आगामी 29 अप्रैल को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होना है, जिसमें 142 सीटों पर जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी. आयोग की इन सख्त कार्रवाइयों का उद्देश्य मतदाताओं में विश्वास जगाना और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है.

Share Now