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कोरोना को लेकर राहतभरी खबर, INSACOG बोला- भारत में वायरस के बहुत कम रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट मिले

इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टिया (आईएनएसएसीओजी) ने बुधवार को कहा कि जीनोम सीक्वेंसिंग विश्लेषण के आधार पर कहा जा सकता है कि भारत में कोविड के रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट (पुन: संयोजक रूप) बहुत कम पाए गए हैं.

कोरोना को लेकर राहतभरी खबर, INSACOG बोला- भारत में वायरस के बहुत कम रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट मिले
(Photo Credit : Pixabay)

इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टिया (आईएनएसएसीओजी) ने बुधवार को कहा कि जीनोम सीक्वेंसिंग विश्लेषण के आधार पर कहा जा सकता है कि भारत में कोविड के रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट (पुन: संयोजक रूप) बहुत कम पाए गए हैं. बुधवार को प्रकाशित 18 अप्रैल के अपने साप्ताहिक बुलेटिन में आईएनएसएसीओजी ने कहा, "जीनोम सीक्वेंसिंग विश्लेषण के आधार पर कहा जा सकता है कि भारत में कोविड के रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट बहुत कम पाए गए हैं. अब तक किसी ने भी एक व्यक्ति से दूसरे में संचरित होने के मामले बढ़ने या गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित सूचना नहीं दी." कोरोना की चुनौती अभी टली नहीं, योग्य बच्चों का शीघ्र टीकाकरण प्राथमिकता: प्रधानमंत्री मोदी. 

आईएनएसएसीओजी ने कहा कि संदिग्ध रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट से संक्रमण की घटनाओं और संभावित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रासंगिकता की बारीकी से निगरानी की जा रही है. नए कोविड-19 मामलों की संख्या में लगातार दूसरे सप्ताह कमी आई है, जिसमें सप्ताह के दौरान 16 प्रतिशत की गिरावट आई है. वैश्विक कोविड परिदृश्य पर पिछले सप्ताह की तुलना में नई मौतों की संख्या में भी कमी आई है.

आईएनएसएसीओजी ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य पर दो रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट- एक्सडी और एक्सई की दुनिया भर में बारीकी से निगरानी की जा रही है. एक्सडी, जिसमें एक डेल्टा जीनोम में शामिल एक ओमिक्रॉन एस जीन है, मुख्य रूप से फ्रांस में पाया जाता है.

इसने कहा, "एक्सई बीए.1/बीए.2 रिकॉम्बिनेंट है, जिसमें बीए.2 से संबंधित एस जीन सहित अधिकांश जीनोम हैं. एक्सई थोड़ा ज्यादा तेजी से फैलता है. एक्सई भी बीए.2 के ऊपर तेजी से बढ़ता है. हालांकि, इस खोज के लिए और पुष्टि की जरूरत है."

आईएनएसएसीओजी भारत में प्रवेश के स्थलों पर रहने वालों और अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के नमूनों की सीक्वेसिंग के माध्यम से देशभर में सार्स-कोव-2 की जीनोमिक निगरानी करता है. आईएनएसएसीओजी द्वारा 8 अप्रैल तक कुल 2,05,807 नमूनों की सीक्वेसिंग की गई है. इसने कहा कि अब तक कुल 2,04,697 नमूनों की सीक्वेसिंग का विश्लेषण किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2022 11:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).