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Varanasi Ganga Flood Alert: वाराणसी में तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, भारी बारिश के बाद पानी में डूबे घाट

वाराणसी में भारी बारिश से गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे प्रसिद्ध घाट और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं. बाढ़ का पानी वरुणा नदी के जरिए रिहायशी बस्तियों में भी घुस रहा है, जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं.

Varanasi Ganga Flood Alert: वाराणसी में तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, भारी बारिश के बाद पानी में डूबे घाट
वाराणसी में गंगा नदी के पानी में डूबा नमो घाट (Photo : X/ANI)

Ganga Ji Ke Pass Badh Ki Sthiti: भारी बारिश के बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi) में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है. गंगा का पानी चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है और अब खतरे के निशान के बहुत करीब पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों और घाटों के किनारे रहने वाले लोगों में डर का माहौल है. नमो घाट पूरी तरह पानी में डूब चुका है, जिसका वीडियो भी सामने आया है.

गंगा का बढ़ता जलस्तर, मुश्किल में जन-जीवन (Ganga Water Level in Varanasi)

बुधवार शाम तक गंगा का जलस्तर 70.66 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (71.26 मीटर) से सिर्फ 60 सेंटीमीटर नीचे है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक पानी का बढ़ना जारी रह सकता है. अगर यही रफ्तार रही तो गुरुवार रात तक गंगा खतरे के निशान को भी पार कर सकती हैं. पानी के तेज बहाव के कारण कई लोगों को अपना घर छोड़ने का मौका भी नहीं मिला, जिन्हें बाद में बुधवार को बचाव दलों ने सुरक्षित बाहर निकाला.

घाटों का हाल-बेहाल, अंतिम संस्कार में भी परेशानी

गंगा के बढ़े हुए जलस्तर का सबसे ज्यादा असर विश्व प्रसिद्ध घाटों पर दिख रहा है.

  • मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट: इन घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है. मणिकर्णिका घाट पर छतों के ऊपर शवदाह किया जा रहा है, जबकि हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में अंतिम संस्कार करने की मजबूरी है. लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.
  • दशाश्वमेध और अस्सी घाट: दशाश्वमेध घाट पर पानी शीतला मंदिर की छत तक पहुंच गया है. वहीं, अस्सी घाट पर पानी सड़क से बस तीन सीढ़ियां नीचे है.
  • संपर्क टूटा: शहर के दर्जनों प्रमुख घाट जैसे- रीवां, तुलसी, केदार, सिंधिया आदि का एक-दूसरे से संपर्क पूरी तरह टूट गया है.

वरुणा नदी ने भी मचाई तबाही

गंगा में पानी बढ़ने के कारण इसका पानी वापस वरुणा नदी में जा रहा है, जिसे 'पलट प्रवाह' कहते हैं. इस वजह से वरुणा नदी का पानी भी अब रिहायशी बस्तियों में घुसने लगा है. सारनाथ और पुरानापुल जैसे इलाकों में दर्जनों घर बाढ़ के पानी से घिर गए हैं.

प्रशासन और NDRF की टीमें बचाव कार्य में जुटीं

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ राहत शिविरों को फिर से शुरू कर दिया है. प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और उन्हें जरूरी सामान मुहैया कराया जा रहा है. मंगलवार की रात सारनाथ के सालारपुर इलाके में जब वरुणा का पानी घरों में घुस गया, तो एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर कई लोगों को बचाया और उन्हें राहत शिविरों तक पहुंचाया.

अगले कुछ दिन वाराणसी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2025 09:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).