Record Rainfall in Varanasi: वाराणसी में शुक्रवार को ऐसी बारिश हुई कि पिछले सारे रिकॉर्ड बह गए. शहर में मानो आसमान फट पड़ा हो. पिछले 24 घंटों में 140.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने 125 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. इससे पहले 9 अक्टूबर 1900 को 138.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी. इस मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को तालाब में बदल दिया है.
बीएचयू में कमर तक पानी, हाल बेहाल
बारिश का सबसे ज़्यादा असर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में देखने को मिला. बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल और रिहायशी इलाकों में कमर तक पानी भर गया. शहर की गलियां और सड़कें दरिया बन गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. लोग बस यही कहते नजर आए कि इस बारिश ने तो सावन-भादों को भी पीछे छोड़ दिया है.
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— Rishabh Singhal (@IamRishabh_tw) October 3, 2025
आज आठवीं तक के स्कूल बंद
भारी बारिश के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है. शनिवार को कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है. सभी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी. अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर कोई स्कूल इस आदेश को नहीं मानता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.
#WATCH वाराणसी (उत्तर प्रदेश): भारी बारिश के बाद वाराणसी शहर के कई हिस्सों में जलभराव देखने को मिला। pic.twitter.com/T5liFUW9xr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 3, 2025
बारिश भी नहीं रोक पाई 145 साल पुरानी परंपरा
लेकिन बनारस की हिम्मत तो देखिए. इतनी भयानक बारिश के बीच भी शहर का ऐतिहासिक लक्खा मेला, यानी नाटी इमली का 'भरत मिलाप' कार्यक्रम हुआ. यदुवंशियों ने भीगते हुए अपनी 145 साल पुरानी परंपरा को पूरी शिद्दत से निभाया.
📍 Trauma Centre BHU Varanasi
पानी~ कमर के ऊपर 😂
बारिश~ सुबह से शाम तक कभी तेज कभी धीमी।
और भी~ रविंद्रपुरी तथा अन्य गालियां। @YTKDIndia #YeThikKarKeDikhao @raavan_india @khurpenchh @kashikirai pic.twitter.com/5kkUBNKuOa
— Umang Patel BHU (@UmangPatelBHU) October 3, 2025
शहर के हर कोने में जलभराव, बाजार हुए जल्दी बंद
शहर का शायद ही कोई ऐसा इलाका हो जो इस बारिश से बचा हो. रवींद्रपुरी, लंका, सामनेघाट, गोदौलिया, रथयात्रा, और मैदागिन जैसी जगहों पर सड़कें लबालब भर गईं. कई इलाकों में तो लोगों के घरों में भी पानी घुस गया. जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम हो गया और शाम होते-होते ज्यादातर व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं. कई दुर्गा पूजा पंडालों में भी पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं.
जर्जर मकान की दीवार गिरी
इस भारी बारिश के बीच सिद्धगिरी बाग इलाके में एक पुराने और कमजोर मकान की दीवार गिर गई. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को कोई चोट नहीं आई, लेकिन सड़क पर मलबा फैलने से ट्रैफिक रुक गया.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं. शनिवार और रविवार को भी इसी तरह की जोरदार बारिश हो सकती है. इसलिए, लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है.













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