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Varanasi Rains: बनारस में बारिश का महा-प्रलय: 125 साल का रिकॉर्ड टूटा, स्कूल बंद और शहर हुआ पानी-पानी

वाराणसी में 125 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पूरा शहर जलमग्न हो गया. बीएचयू समेत कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. प्रशासन ने भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए 8वीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद कर दिए हैं.

Varanasi Rains: बनारस में बारिश का महा-प्रलय: 125 साल का रिकॉर्ड टूटा, स्कूल बंद और शहर हुआ पानी-पानी
(Photo : X)

Record Rainfall in Varanasi: वाराणसी में शुक्रवार को ऐसी बारिश हुई कि पिछले सारे रिकॉर्ड बह गए. शहर में मानो आसमान फट पड़ा हो. पिछले 24 घंटों में 140.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने 125 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. इससे पहले 9 अक्टूबर 1900 को 138.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी. इस मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को तालाब में बदल दिया है.

बीएचयू में कमर तक पानी, हाल बेहाल

बारिश का सबसे ज़्यादा असर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में देखने को मिला. बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल और रिहायशी इलाकों में कमर तक पानी भर गया. शहर की गलियां और सड़कें दरिया बन गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. लोग बस यही कहते नजर आए कि इस बारिश ने तो सावन-भादों को भी पीछे छोड़ दिया है.

आज आठवीं तक के स्कूल बंद

भारी बारिश के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है. शनिवार को कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है. सभी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी. अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर कोई स्कूल इस आदेश को नहीं मानता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.

बारिश भी नहीं रोक पाई 145 साल पुरानी परंपरा

लेकिन बनारस की हिम्मत तो देखिए. इतनी भयानक बारिश के बीच भी शहर का ऐतिहासिक लक्खा मेला, यानी नाटी इमली का 'भरत मिलाप' कार्यक्रम हुआ. यदुवंशियों ने भीगते हुए अपनी 145 साल पुरानी परंपरा को पूरी शिद्दत से निभाया.

शहर के हर कोने में जलभराव, बाजार हुए जल्दी बंद

शहर का शायद ही कोई ऐसा इलाका हो जो इस बारिश से बचा हो. रवींद्रपुरी, लंका, सामनेघाट, गोदौलिया, रथयात्रा, और मैदागिन जैसी जगहों पर सड़कें लबालब भर गईं. कई इलाकों में तो लोगों के घरों में भी पानी घुस गया. जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम हो गया और शाम होते-होते ज्यादातर व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं. कई दुर्गा पूजा पंडालों में भी पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं.

जर्जर मकान की दीवार गिरी

इस भारी बारिश के बीच सिद्धगिरी बाग इलाके में एक पुराने और कमजोर मकान की दीवार गिर गई. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को कोई चोट नहीं आई, लेकिन सड़क पर मलबा फैलने से ट्रैफिक रुक गया.

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं. शनिवार और रविवार को भी इसी तरह की जोरदार बारिश हो सकती है. इसलिए, लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 04, 2025 08:51 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).