देश

यूपी में मुस्लिम परिवार ने पेश की मिसाल, कर्मचारी की मौत के बाद हिन्दू रीति-रिवाज से किया उसका दाह संस्कार

हिन्दुस्तान की गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल को अमल में लाते हुए भदोही के एक मुस्लिम परिवार ने अपने एक कर्मचारी की मौत के बाद हिन्दू रीति-रिवाज़ से उसका दाह संस्कार किया और तेरहवीं की रस्म निभायी. तेरहवीं भोज के लिए बांटे गए कार्ड पर नीचे शोकाकुल परिवार में इरफ़ान अहमद खान और फरीद खान का नाम छपा होने के साथ भवदीय में उनकी फर्म का नाम लिखा गया.

यूपी में मुस्लिम परिवार ने पेश की मिसाल, कर्मचारी की मौत के बाद हिन्दू रीति-रिवाज से किया उसका दाह संस्कार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

हिन्दुस्तान की गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल को अमल में लाते हुए भदोही (Bhadohi) के एक मुस्लिम परिवार (Muslim Family) ने अपने एक कर्मचारी की मौत के बाद हिन्दू (Hindu) रीति-रिवाज़ से उसका दाह संस्कार किया और तेरहवीं की रस्म निभायी. तेरहवीं भोज के लिए बांटे गए कार्ड पर नीचे शोकाकुल परिवार में इरफ़ान अहमद खान और फरीद खान का नाम छपा होने के साथ भवदीय में उनकी फर्म का नाम लिखा गया. ये ब्राह्मण भोज इरफ़ान और फरीद ने अपने सहयोगी मुरारी लाल श्रीवास्तव की आत्मा की शांति के लिए 25 जून की रात शहर के हरिराम पुर में किया जिसमें हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के एक हज़ार से ज़्यादा लोग शामिल हुए.

कोतवाली पुलिस के मुताबिक मुरारी लाल श्रीवास्तव (65) को पिछले दिनों खेत में किसी ज़हरीले जंतु ने काट लिया था जिससे इलाज के दौरान 13 जून को उनकी मौत हो गई थी. मुरारी के परिवार में किसी के ना होने पर उनका शव इरफान और फरीद के परिवार को सौंप दिया गया. दोनों ने कुछ सहयोगियों की मदद से पूरे विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार किया. इरफान और फरीद ने गुरुवार को 'भाषा' को बताया कि मुरारी हमारे घर के सदस्य की तरह पिछले 15 साल से हम लोगों के साथ जुड़े रहे और हमेशा घर के सदस्य की तरह हमें उनका समर्थन मिला. यह भी पढ़ें- अयोध्या के श्री सीताराम मंदिर में पेश की गई हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, इफ्तार पार्टी का हुआ आयोजन

इरफ़ान के मुताबिक मुरारी उनके घर के बुज़ुर्ग सदस्य की तरह थे इसलिए हम लोगों ने वही किया जो हम घर के किसी सदस्य के लिये करते. साथ ही कहा कि जब हम लोग तेरहवीं का कार्ड बांटने हर जगह गए तो सभी ने आश्चर्य जताया. उन्होंने बताया कि ब्राह्मण भोज से पहले 22 जून को बाकायदा बाल उतारने की रस्म अदा की गयी और 25 जून को रखे गए ब्राह्मण भोज में एक हज़ार से ज़्यादा हिन्दू -मुस्लिम सभी ने इसमें भाग लिया.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 27, 2019 01:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).