Sudarshan TV 'UPSC Jihad' Show: सुदर्शन टीवी के ‘यूपीएससी जिहाद’ शो पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम आदेश तक लगाई रोक

सुदर्शन टीवी (Sudarshan TV) के 'यूपीएससी जिहाद' (UPSC Jihad Show) वाले कार्यक्रम के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई. कोर्ट मामले पर सुनवाई करते हुए प्रोग्राम को पर अंतिम फैसला आने तक रोक लगा दिया है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस प्रोग्राम को समाज के लिए खासकर मुस्लिम समाज के लिए घटक बताया है.

सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

नई दिल्ली: सुदर्शन टीवी (Sudarshan TV) के 'यूपीएससी जिहाद' (UPSC Jihad Show) वाले कार्यक्रम के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) में सुनवाई थी. कोर्ट मामले पर सुनवाई करते हुए प्रोग्राम पर अंतिम फैसला आने तक रोक लगा दिया है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस प्रोग्राम को समाज के लिए खासकर मुस्लिम समाज के लिए घातक बताया है. जो लोगों के बीच उन्माद पैदा कर सकता हैं

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने कहा, 'इस कार्यक्रम को देखिये, कैसा उन्माद पैदा करने वाला यह कार्यक्रम है कि एक समुदाय प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश कर रहा है. वही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इस कार्यक्रम का विषय कितना उकसाने वाला है कि मुस्लिमों ने सेवाओं में घुसपैठ कर ली है और यह तथ्यों के बगैर ही यह संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को संदेह के दायरे में ले आता है. यह भी पढ़े: Sudarshan TV ‘Bindas Bol’ Program: सुदर्शन टीवी के कार्यक्रम ‘बिंदास बोल’ के प्रसारण पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका 

सुदर्शन टीवी के ‘यूपीएससी जिहाद’ शो पर रोक:

बता दें कि सुदर्शन न्यूज पर ये शो 28 अगस्त को रात 8 बजे टेलीकास्ट होना था, लेकिन इसके टीजर को लेकर काफी विवाद हुआ, जिसके बाद इसे  दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और मांग की गई कि शो के टेलीकास्ट पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इस शो के टेलीकास्ट पर रोक लगा दी थी. लेकिन भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इस विवादित शो के टेलीकास्ट को हरी झंडी दे दी थी. (इनपुट आईएएनएस)

 

 

Share Now

संबंधित खबरें

Supreme Court on Abetment to Suicide: लिव-इन पार्टनर से शादी से इनकार आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने छह आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की रद्द

‘अपराधियों में ऐसा खौफ पैदा करें कि दोबारा सोचने की हिम्मत न हो’: दिल्ली में दुष्कर्म की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट की पुलिस को सख्त हिदायत

'यह संविधान के मूल पर सीधा प्रहार है': मताधिकार छीनने पर बोले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां; 'बिना नोटिस और सुनवाई के वोटर लिस्ट से नाम नहीं कट सकता'

Social Media Ban for Minors: क्या भारत में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगेगा बैन? सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने दिए कड़े नियमों के संकेत