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योगी सरकार का दिव्यांग छात्रों को बड़ा तोहफा, स्कूल आने-जाने के लिए हर महीने मिलेंगे 600 रुपये

सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को पात्र प्रधानाध्यापकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. यह कार्रवाई हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद की जा रही है, जिसमें अनिल कुमार वाजपेयी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में प्रधानाध्यापकों को BEO पद पर पदोन्नति देने का निर्देश दिया गया था. आदेश का पालन न होने पर अदालत ने अवमानना नोटिस भी जारी किया था.

योगी सरकार का दिव्यांग छात्रों को बड़ा तोहफा, स्कूल आने-जाने के लिए हर महीने मिलेंगे 600 रुपये
सीएम योगी आदित्यनाथ (Photo Credits: File Image)

Yogi Government: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिव्यांग छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की है. अब राज्य के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों में पढ़ने वाले पात्र दिव्यांग छात्रों को स्कूल आने-जाने के लिए हर महीने 600 रुपये का एस्कॉर्ट भत्ता दिया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य गंभीर और बहु-दिव्यांग बच्चों की स्कूल तक पहुंच आसान बनाना और उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाना है. UP Pension Hike: योगी सरकार का तोहफा, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन ₹1,000 से बढ़कर हुई ₹1,500 प्रति माह

14,152 दिव्यांग छात्रों को मिलेगा लाभ

सरकार की इस योजना का लाभ राज्य के 14,152 दिव्यांग छात्रों को मिलेगा. प्रत्येक पात्र छात्र के लिए 600 रुपये प्रतिमाह की दर से 10 महीने तक आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस योजना के लिए प्रोजेक्ट एडवाइजरी बोर्ड की ओर से 8.49 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है.

सरकार का मानना है कि इस पहल से दिव्यांग बच्चों को स्कूल लाने और वापस ले जाने में होने वाला आर्थिक बोझ उनके अभिभावकों पर कम होगा. साथ ही बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति में भी सुधार होगा.

DBT के जरिए खाते में आएगी राशि

स्कूली शिक्षा महानिदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, एस्कॉर्ट भत्ते की राशि पात्र छात्रों के माता-पिता के आधार से लिंक बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी.

इन छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ

इस योजना के तहत पूर्ण दृष्टिबाधित, बौद्धिक दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी, बहु-दिव्यांग और जापानी इंसेफलाइटिस (JE) एवं एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) से प्रभावित छात्रों को शामिल किया गया है. हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए छात्र का स्कूल में नियमित रूप से उपस्थित रहना अनिवार्य होगा.

BEO पद पर प्रमोशन की प्रक्रिया भी शुरू

दूसरी ओर, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के निर्देशों के बाद राज्य के परिषदीय और सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

इसके लिए सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को पात्र प्रधानाध्यापकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. यह कार्रवाई हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद की जा रही है, जिसमें अनिल कुमार वाजपेयी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में प्रधानाध्यापकों को BEO पद पर पदोन्नति देने का निर्देश दिया गया था. आदेश का पालन न होने पर अदालत ने अवमानना नोटिस भी जारी किया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2026 03:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).