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UP: यूपी की खेती ने 8 साल में रचा इतिहास, गेहूं-चावल से लेकर गन्ना, दलहन-तिलहन में रिकॉर्ड उत्पादन; सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में 'विजन 2047' डॉक्यूमेंट्स पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते आठ वर्षों में कृषि क्षेत्र में ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जो आजादी के बाद से 2017 तक की धीमी रफ्तार को पीछे छोड़ते हैं.

UP: यूपी की खेती ने 8 साल में रचा इतिहास, गेहूं-चावल से लेकर गन्ना, दलहन-तिलहन में रिकॉर्ड उत्पादन; सीएम योगी
सीएम योगी (Photo : X)

लखनऊ, 14 अगस्त : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में 'विजन 2047' डॉक्यूमेंट्स पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते आठ वर्षों में कृषि क्षेत्र में ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जो आजादी के बाद से 2017 तक की धीमी रफ्तार को पीछे छोड़ते हैं. अधूरी पड़ी योजनाओं को तेजी से पूरा किया गया और किसानों को आधुनिक तकनीक, सिंचाई और सीधी वित्तीय सहायता का लाभ मिला.

उन्होंने कहा कि पिछले 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की विकास दर लगातार दहाई में रही है. पिछले तीन वर्षों में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की विकास दर 14 प्रतिशत से भी अधिक रही है. यह राष्ट्रीय औसत 9.5 प्रतिशत से 4.5 प्रतिशत अधिक है. यूपी के पास देश की सबसे अधिक सिंचित और उपजाऊ भूमि है. बेहतर बीज, खाद की उपलब्धता और नई तकनीक के कारण खाद्यान्न उत्पादन में यूपी का राष्ट्रीय योगदान अब लगभग 21% हो गया है, जबकि राज्य के पास देश की केवल 10% कृषि योग्य भूमि है. यह भी पढ़ें : Cloudburst in Chashoti Kishtwar Updates: किश्तवाड़ में बादल फटने पर अमित शाह ने की सीएम उमर अब्दुल्ला से बात, हर संभव मदद का भरोसा दिया

उन्होंने कहा कि 1971 में शुरू हुई सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना 50 वर्षों तक अधूरी रही. इसकी शुरुआती लागत 100 करोड़ रुपए थी, जो 2021 तक बढ़कर 10,000 करोड़ रुपए हो गई. डबल इंजन सरकार ने इसे पूरा कर 14 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा दी. 2017 से अब तक 31 प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं पूरी हुईं, जिससे 23 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को पानी मिला.

सीएम योगी ने बताया कि 2024-25 में प्रदेश ने 414.39 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का 35% से अधिक है. औसत उपज 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पहुंची, जबकि कई प्रगतिशील किसानों ने 48-50 क्विंटल तक पैदावार कर ली. चावल में यूपी का योगदान 14.7% है. दलहन उत्पादन में 46% और तिलहन में 46.6% की वृद्धि दर्ज हुई. तिलहन में राष्ट्रीय योगदान 3.5% से बढ़कर 7% और दलहन में 9.5% से बढ़कर 14.5% हुआ. गन्ना उत्पादन 2,453.50 लाख मीट्रिक टन हुआ, जो देश के कुल उत्पादन का 55% है. 2017 से अब तक किसानों को 2.6 लाख करोड़ रुपए का भुगतान डीबीटी से किया गया, जो 1996 से 2017 के बीच हुए कुल भुगतान से अधिक है.

उन्होंने चीनी मिलों को लेकर कहा कि 120 में से 105 चीनी मिलें एक सप्ताह में भुगतान कर रही हैं. एथेनॉल उत्पादन 42 करोड़ लीटर से बढ़कर 177 करोड़ लीटर हुआ और 1.7 लाख युवाओं को रोजगार मिला. आलू उत्पादन में यूपी का राष्ट्रीय योगदान 40.7%, केला में 18.7% और सब्जियों में 19.3% है. मत्स्य उत्पादन में भी प्रदेश को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 2.86 करोड़ किसानों को 90,000 करोड़ रुपए सीधे खातों में मिले. एमएसपी पर गेहूं, धान, मक्का, बाजरा और ज्वार की रिकॉर्ड खरीद हुई.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से 26,426 पशुपालकों को 1,500 रुपए प्रतिमाह प्रति गौवंश की सहायता मिल रही है. 16.35 लाख गौवंश आश्रय स्थलों में रखे गए हैं. प्रदेश के 9 जलवायु क्षेत्रों में 89 कृषि विज्ञान केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है. कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण तेजी से चल रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 14, 2025 04:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).